वंदे मातरम पर सुप्रीम कोर्ट में हंगामा: 'नक्सली' टिप्पणी पर वकीलों में तीखी झड़प, CJI ने दिया दखल
सुप्रीम कोर्ट में एक सुनवाई के दौरान माहौल गरमा गया। यह बहस 'वंदे मातरम' को राष्ट्रगान के बराबर कानूनी सुरक्षा देने वाले एक नए संशोधन को लेकर थी। वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ एस मुरलीधर ने कहा कि इस संशोधन को लाने से पहले जनता की राय नहीं ली गई। वहीं, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसका बचाव किया और बताया कि इसे संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए ही लाया गया है।
तुषार मेहता की 'नक्सली' टिप्पणी से मचा हंगामा
सुनवाई के दौरान तब और ज्यादा गर्माहट आ गई, जब तुषार मेहता ने अपनी दलील देते समय 'नक्सली' शब्द का इस्तेमाल कर दिया। इस पर डॉ मुरलीधर ने तुरंत आपत्ति जताई और कहा कि यह टिप्पणी बिल्कुल गलत है। इसे वापस लिया जाना चाहिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य न्यायाधीश ने तुरंत दखल दी। उन्होंने सभी वकीलों को सलाह दी कि वे निजी हमलों से बचें और सिर्फ संवैधानिक मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। इसके बाद कोर्ट ने सभी पक्षों से कहा कि वे कानूनी दलीलों पर ही ध्यान दें और सरकार से इस पूरे मामले पर औपचारिक जवाब दाखिल करने को कहा।