लाशों के जोक, फर्जी खबरें और अब सुप्रीम कोर्ट: ऑनलाइन कंटेंट पर कसेगी नकेल?
सुप्रीम कोर्ट में एक नई जनहित याचिका दाखिल हुई है। इसमें सोशल मीडिया, यूट्यूब और OTT प्लेटफॉर्मों पर दिखाए जाने वाले या पोस्ट किए जाने वाले कंटेंट के लिए साफ नियम बनाने की मांग की गई है। वकील विशाल तिवारी ने यह याचिका एक स्टैंड-अप शो के बाद दाखिल की। यह शो लाशों और बिरयानी पर किए गए जोक्स की वजह से वायरल हुआ था, जिसे बहुत से लोगों ने गलत और असंवेदनशील बताया था।
वकील ऑनलाइन मानहानि आयोग की मांग कर रहे
तिवारी कहते हैं कि ऑनलाइन कंटेंट में स्वतंत्र अभिव्यक्ति और सार्वजनिक शालीनता के बीच सही संतुलन होना बहुत जरूरी है। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे फर्जी खबरें, जैसे हाल ही में जस्टिस सूर्य कांत के बारे में फैलाई गई गलत जानकारी, सरकारी स्पष्टीकरण के बाद भी फैलती रहती हैं। इस याचिका में ऑनलाइन मानहानि के मामलों से निपटने के लिए एक न्यायिक आयोग बनाने, ऑनलाइन कंटेंट बनाने वालों के लिए स्पष्ट नियम तय करने और बच्चों को नुकसानदायक पोस्ट से बचाने के सुझाव दिए गए हैं।