कोलकाता होटल अग्निकांड में सामने आई लापरवाहियां, लोग बोले- न अलार्म था न आपातकालीन द्वार
क्या है खबर?
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में आज रात बड़ा हादसा हो गया। यहां के न्यू मार्केट इलाके में एक 4 मंजिला होटल में आग लगने से 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। मरने वालों में 2 महिलाएं और एक 4 साल का बच्चा शामिल है। वहीं, करीब 80 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। प्रारंभिक जांच में घटना को लेकर कई लापरवाहियां सामने आई हैं।
मंजिल
दूसरी मंजिल पर लगी आग, फिर पूरी होटल में फैली
स्थानीय लोगों ने बताया कि आग होटल की दूसरी मंजिल पर लगी और फिर पूरी इमारत में फैल गई।
बीरभूम के पुलिस अधीक्षक विदित राज भुंदेश ने कहा, "बाहर से न तो धुआं दिखाई दे रहा था और न ही आग की लपटें। पुलिस और दमकल कर्मियों की टीमें मौके पर पहुंचीं, सीढ़ियों की मदद से 22 लोगों को बचाया गया।"
अग्निशमन विभाग के मंत्री कौशिक चौधरी ने कहा, "फोरेंसिक जांच से पता चलेगा कि आग किस वजह से लगी।"
लापरवाहियां
होटल में सुरक्षा से जुड़ी कई लापरवाहियां सामने आईं
होटल में रुके लोगों के अनुसार, होटल में आने और जाने के लिए केवल एक ही रास्ता था और कोई आपातकालीन निकास नहीं था।
ये भी जानकारी सामने आई है कि रात में होटल का मुख्य दरवाजा बंद कर दिया गया था, जिससे लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।
रिपोर्ट के मुताबिक, होटल के पास वैध लाइसेंस न होने की भी खबर है। आग बुझाने के पर्याप्त और पुख्ता इंतजाम भी नहीं किए गए थे।
बयान
होटल में ठहरे लोग बोले- नहीं थे सुरक्षा के इंतजाम
हिंदुस्तान टाइम्स से बीरभूम के अमीरुल हुसैन ने कहा, "मैं अपने दोस्त के साथ आया था। हालात बेहद खतरनाक थे और मुझे सच में नहीं पता कि हम कैसे बच निकले। वहां न तो अलार्म था और न ही आग बुझाने की कोई व्यवस्था।"
होटल में रुके बांग्लादेश के सतखीरा के अतियार रहमान ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, "होटल में आग बुझाने का कोई इंतजाम नहीं था। धुएं की वजह से सांस लेने में दिक्कत होने पर हमारी नींद खुली।"
भाजपा नेता
भाजपा नेता ने कहा- इलाके के ज्यादातर होटल अवैध
भाजपा नेता संतोष पाठक ने कहा कि मिर्जा गालिब स्ट्रीट के ज्यादातर होटल अवैध रूप से चलाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, "इस इलाके के ज्यादातर होटल अवैध रूप से चल रहे हैं। उनमें अग्निशमन की कोई व्यवस्था नहीं है। वे किसी भी नियम-कानून का पालन नहीं करते। हमने उन्हें कई बार चेतावनी दी है। कुछ के पास तो लाइसेंस भी नहीं है। अंदर अवैध निर्माण हैं। रिहायशी इमारतों को रातोंरात व्यावसायिक स्थलों में बदल दिया गया।"
पुलिस
घटना के बारे में पुलिस ने क्या बताया?
कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "लंबे और मुश्किल बचाव अभियान के बाद, फायर ब्रिगेड और पुलिसकर्मियों ने होटल परिसर से लगभग 60 लोगों को सफलतापूर्वक बचाया और सुरक्षित बाहर निकाला। आग बुझाने और बयान अभियान 2 घंटे से ज्यादा समय तक चला और सुबह 4:30 बजे तक पूरा हो गया। अभियान के दौरान सुरक्षित और असरदार तालमेल और भीड़ को काबू में रखने के लिए पुलिस की एक टीम तैनात रही।"