केरलम में पहली बार क्रिकेट का अनोखा 'महामुकाबला', चोगे की जगह जर्सी में दिखेंगे पादरी
केरलम भर के पादरी अपनी खास पोशाक छोड़कर क्रिकेट जर्सी में नजर आने वाले हैं। पुथुपल्ली में 9 और 10 सितंबर को पहली बार 'कतनाड़ क्रिकेट लीग' का आयोजन हो रहा है, जिसमें वे हिस्सा लेंगे।
ईसाई धर्म के अलग-अलग संप्रदायों से जुड़े पादरियों की 16 टीमें इसमें 50,000 रुपये के नकद इनाम और एक ट्रॉफी के लिए जोर आजमाइश करेंगी। इस लीग का मुख्य मकसद खेल के माध्यम से पादरियों को एक मंच पर लाना और उनके बीच दोस्ताना प्रतिद्वंद्विता को बढ़ावा देना है।
टीमें 5 ईसाई संप्रदायों का प्रतिनिधित्व करेंगी
इस लीग में टीमें सीरो-मालाबार, लैटिन कैथोलिक, सीरो-मालांकारा, मालंकरा ऑर्थोडॉक्स और मार थोमा जैसे 5 ईसाई संप्रदायों का प्रतिनिधित्व करेंगी। वडावथूर के सेंट थॉमस सेमिनरी के डीकन्स को न्योता तो मिला है, लेकिन सेमिनरी की तरफ से कोई अलग टीम मैदान में नहीं उतरेगी।
सभी मैच केरल क्रिकेट एसोसिएशन (KCA) के दिशानिर्देशों के तहत खेले जाएंगे और KCA से मंजूर अंपायर ही इनमें अंपायरिंग करेंगे।
मुख्य पुरस्कार के अलावा, सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज, गेंदबाज, विकेटकीपर और टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के लिए भी अलग से अवॉर्ड दिए जाएंगे। चेंगनचेरी टीम के कप्तान फादर डोमिनिक मुरियानकावुंकल ने बताया कि, "यह लीग पादरियों के बीच खेले जाने वाले आम खेलों से ही शुरू हुई थी। इसका मकसद चर्च से जुड़े लोगों में एकता और दोस्ती बढ़ाना था।"