केरलम में स्कूली छात्राओं को मिलेगा हर महीने 3 दिन मासिक धर्म अवकाश
केरलम सरकार ने 'प्रोजेक्ट मेंस्ट्रुअल डिग्निटी' नाम से एक नई पहल शुरू की है। इस योजना के तहत स्कूल जाने वाली लड़कियों को मासिक धर्म के दौरान हर महीने 3 दिन की छुट्टी मिलेगी।
पढ़ाई का कोई नुकसान न हो इसके लिए सप्ताहांत पर अतिरिक्त कक्षाएं लगाई जाएंगी।
राज्य सरकार ने 29 मई को इस फैसले का ऐलान किया है। यह पहल स्कूलों और कार्यालयों को महिलाओं और लड़कियों के लिए और भी सहायक माहौल बनाने की बड़ी कोशिश का हिस्सा है।
अनाथ-मुक्त राज्य बनाने का लक्ष्य
राज्य सरकार ने कुछ और अहम योजनाओं का भी ऐलान किया है। बड़े कार्यस्थलों पर बच्चों के लिए सुरक्षित डे-केयर सेंटर बनाए जाएंगे। महिलाओं को समान काम के लिए समान वेतन दिया जाएगा। शहरों में सार्वजनिक शौचालयों की संख्या बढ़ाई जाएगी। साथ ही, असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाओं को 6 महीने की मातृत्व अवकाश दी जाएगी।
इन सबके अलावा, केरलम भारत का पहला अनाथ-मुक्त राज्य बनने की दिशा में भी काम कर रहा है। इसके लिए गोद लेने और फॉस्टर केयर को बढ़ावा दिया जा रहा है। लड़कियों को सैनिटरी पैड्स और जूते जैसी बुनियादी चीजें आसानी से उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है।