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उत्तराखंड: देहरादून में शॉल बेच रहे 2 कश्मीरी लड़कों की पहचान पूछकर रॉड से पीटा
देहरादून में शॉल बेच रहे 2 कश्मीरी लड़कों की पहचान पूछकर रॉड से पीटा गया

उत्तराखंड: देहरादून में शॉल बेच रहे 2 कश्मीरी लड़कों की पहचान पूछकर रॉड से पीटा

लेखन गजेंद्र
Jan 29, 2026
01:54 pm

क्या है खबर?

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कश्मीर के 2 लड़कों पर जानलेवा हमला का मामला सामने आया है। दोनों को बुरी तरह पीटा गया है, जिसके बाद उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना बुधवार शाम को विकासनगर इलाके में घटी है। घायल कश्मीरी लड़कों की पहचान 18 वर्षीय दानिश और उसके नाबालिग रिश्तेदार के रूप में हुई है। दोनों कश्मीरी देहरादून में शॉल बेचने का काम करते हैं। पुलिस ने अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है।

घटना

क्या है पूरा मामला?

दोनों कश्मीर के लड़के पहली बार उत्तराखंड में शॉल बेचने आए थे। वे बुधवार शाम को विकासनगर बाजार के डाक पत्थर रोड स्थित एक दुकान से कुछ सामान खरीद रहे थे। तभी कुछ लोगों की भीड़ वहां पहुंच गई और उनका पहनावा देखकर नाम पूछा। लड़कों के नाम बताने पर उन्होंने दोनों को घेर लिया और नारेबाजी की। लड़कों के विरोध जताने पर उनको लात-घूसे और लोहे की रॉड से पीटा गया, जिससे वे बुरी तरह घायल हो गए।

नाराजगी

जम्मू-कश्मीर छात्र संगठन ने मुख्यमंत्री धामी से कार्रवाई की मांग की

घटना को लेकर जम्मू-कश्मीर छात्र संगठन ने नाराजगी जताई है और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। संगठन ने एक बयान में कहा कि लड़के का बायां हाथ टूट गया है और लोहे की रॉड से मारे जाने के बाद उसके सिर में गंभीर चोटें आई हैं। संगठन ने कहा कि अपने परिवार का पेट पालने के लिए शॉल बेच रहे 18 साल के लड़के को इंसानियत नहीं, बल्कि नफरत मिली।

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आवाज

कांग्रेस ने प्रतिक्रिया दी

कांग्रेस के मीडिया प्रकोष्ठ के चेयरमैन पवन खेड़ा ने घटना को लेकर एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लिखा, 'जिस किसी के पास कश्मीरी शॉल होती है, वह उसे गर्व से पहनता है। और फिर भी, अक्सर, जो लोग ये शॉल हमारे पास लाते हैं, उन्हें शक, उत्पीड़न, धमकी- यहां तक कि हिंसा का भी सामना करना पड़ता है। विडंबना साफ है। ये वही शॉल हैं जो प्रधानमंत्री और उनके दरबारियों के कंधों पर होती हैं।'

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हिंसा

इससे पहले त्रिपुरा के छात्र की हुई थी देहरादून में नस्लीय हत्या

पिछले साल, 9 दिसंबर को देहरादून में MBA की पढ़ाई कर रहे त्रिपुरा के एंजेल चकमा अपने भाई के साथ स्थानीय बाजार में थे। तभी उन पर कुछ युवकों ने समूह ने नस्लीय टिप्पणी की, जिससे विवाद बढ़ गया। इस बीच बदमाशों ने कड़े से वार किया, जबकि दूसरे ने अंडे के ठेले से चाकू लेकर चकमा पर चला दिया। चकमा ने 26 दिसंबर को अस्पताल में दम तोड़ दिया। मामले में 5 गिरफ्तार हैं, जबकि मुख्य आरोपी फरार है।

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