कर्नाटक में इलाज का बोझ होगा कम? सरकार ला रही मानक रेट कार्ड, अस्पतालों की मनमानी पर लगेगी लगाम
कर्नाटक निजी अस्पतालों में ली जाने वाली फीस को तय करने की योजना बना रहा है। इसका मकसद इलाज के खर्च को ज्यादा स्पष्ट बनाना और मरीजों का तनाव कम करना है।
स्वास्थ्य मंत्री यूटी खादर ने हाल ही में अस्पताल प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने इलाज की प्रक्रियाओं के लिए एक मानक रेट कार्ड का सुझाव दिया, जिससे लोगों को पहले से पता चल जाए कि उन्हें किस चीज के लिए कितना पैसा देना होगा।
कुछ कर्नाटक अस्पताल तय दरों का विरोध कर रहे
लेकिन निजी अस्पताल इस बात से पूरी तरह सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि हर अस्पताल में सुविधाओं का अंतर होता है, इसलिए तय दरें लागू करना मुश्किल होगा।
साथ ही, सरकार की एक और मांग है कि अस्पताल दवाओं की खरीद और बिक्री दोनों कीमतें दिखाएं। ऐसा इसलिए क्योंकि दवाओं पर ज्यादा मुनाफा कमाना एक बड़ी चिंता का कारण है।
अभी फार्मास्यूटिकल कंपनियों और बीमा प्रदाताओं के साथ और भी बातचीत होने वाली है। राज्य सरकार ज्यादा बिलिंग रोकने और मरीजों को अचानक होने वाले खर्चों से बचाने के लिए नीतियां बनाने पर काम कर रही है।