कर्नाटक IT यूनियन ने मंत्री पीयूष गोयल के काम के घंटों पर दिए बयान की आलोचना की
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के एक बयान से कर्नाटक राज्य IT/ITES कर्मचारी यूनियन (KITU) खुश नहीं है।
गोयल ने भारतीय कर्मचारियों द्वारा देर रात तक और सप्ताहांत में भी काम करने की तारीफ की थी। KITU का कहना है कि ऐसे बयान श्रम कानूनों को नजरअंदाज करते हैं और कंपनियों को कर्मचारियों पर अस्वस्थ अपेक्षाएं थोपने का मौका देते हैं।
KITU ने श्रम कानूनों को लागू करने की मांग की
KITU ने चेतावनी दी है कि ऐसी सोच 'टॉक्सिक वर्क कल्चर' को बढ़ावा देती है और लोगों की भलाई से ऊपर कॉर्पोरेट हितों को रखती है।
यूनियन ने यह भी याद दिलाया कि पहले भी उद्योग जगत के कई बड़े नेताओं ने लंबे काम के घंटों की वकालत की थी। KITU ने सरकार से श्रम कानूनों को सही मायने में लागू करने की अपील की। एक तरफ जहां कुछ राजनेताओं ने गोयल की इस टिप्पणी की आलोचना की, वहीं कुछ उद्यमियों ने उनका समर्थन भी किया। इससे भारत में स्वस्थ 'वर्क-लाइफ बैलेंस' कैसा होना चाहिए, इस पर बहस और तेज़ हो गई है।