कोलकाता भगदड़: 19 मौतों के बाद अस्पताल पर सवाल उठाने वाले डॉक्टरों को धमकियां
कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान हुई एक दुखद भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई थी। अब मेडिकल कॉलेज कोलकाता के जूनियर डॉक्टरों और इंटर्न का कहना है कि अस्पताल के बुरे मैनेजमेंट के खिलाफ आवाज उठाने पर उन्हें धमकियां मिल रही हैं।
वेस्ट बंगाल जूनियर डॉक्टर्स फ्रंट के देबाशीष हालदार बताते हैं कि उन्होंने बुनियादी सुविधाओं की कमी और अस्पताल के मैनेजमेंट की कमियों को उजागर किया था। उनका कहना है कि अब सिर्फ इसलिए उन्हें धमकाया जा रहा है, क्योंकि वे हालात सुधारने की कोशिश कर रहे थे।
स्वास्थ्य मंत्री ने जूनियर डॉक्टरों को 'दिमागी नक्सली' कहा
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने इन डॉक्टरों के दावों को सिरे से नकार दिया है। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या ये जूनियर डॉक्टर सचमुच सरकारी अस्पतालों के सभी जूनियर डॉक्टरों और इंटर्न का प्रतिनिधित्व करते हैं।
उन्होंने तो यहां तक कि उन्हें 'दिमागी नक्सली' भी कहा है।
इस दुखद घटना के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के लिए मुख्यमंत्री ने भी जूनियर डॉक्टरों की आलोचना की।
हालांकि, कुछ सीनियर डॉक्टर इन जूनियर डॉक्टरों के समर्थन में सामने आए हैं। उनका साफ कहना है कि स्वास्थ्य से जुड़े असल मुद्दों को अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए और न ही उन्हें दबाया जाना चाहिए।