तेलंगाना के ईंट भट्टों में 'नरक' का खुलासा: न्यायाधीश ने 400 से ज्यादा लोगों को बचाया
तेलंगाना के सिद्धापुर गांव में 3 ईंट भट्टों से 400 से ज्यादा लोगों को बचाया गया है, जिनमें बच्चे भी शामिल थे। ये लोग तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के प्रवासी मजदूरों के परिवार थे। प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज भरथ लक्ष्मी ने इस बचाव अभियान की अगुवाई की। उन्हें यह निर्देश स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी से मिले थे।
मजदूरों को कर्ज और अत्याचार का सामना करना पड़ा
मजदूरों ने बताया कि उन्हें तंग ठिकानों में रखा जाता था, जहां साफ-सफाई और इलाज की कोई व्यवस्था नहीं थी। कई मजदूर छोटे-छोटे कर्जों के जाल में फंस गए थे। उन्हें मेहनताने के तौर पर नकदी के बजाय राशन के वाउचर दिए जाते थे।
कुछ मजदूरों ने बताया कि उन्हें वहां बहुत प्रताड़ित किया जाता था। उन्होंने यह भी बताया कि वहां कुछ लोगों की मौतें भी हुई थीं। ऑपरेशन के दौरान तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। बचाए गए मजदूरों को अभी दवा और खाना दिया जा रहा है। अधिकारी अब उन्हें सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। इसके साथ ही, दूसरे भट्टों में भी इस तरह के शोषण की जांच-पड़ताल की जा रही है।