झारखंड PSC प्रदर्शन: छात्रों ने कहा- सीधे मुख्यमंत्री से करेंगे बात, मीडिया की भी हो मौजूदगी
क्या है खबर?
झारखंड में लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों के धरने का आज 13वां दिन है। छात्रों ने राज्य सरकार के बातचीत करने के अनुरोध पर प्रतिक्रिया दी है। छात्रों ने कहा है कि केवल 2 शर्तों पर ही वे सरकार से बातचीत करेंगे। पहली- बातचीत सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से होगी। दूसरी- बैठक में कम से कम 2 मीडिया प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।
बयान
छात्र बोले- बंद कमरे में नहीं हो बातचीत
एक छात्र ने कहा, "हम सरकार से बातचीत के लिए जाएंगे, लेकिन अभी समय तय नहीं है। हमारी मांग है कि अगर मुख्यमंत्री खुले मंच पर, मीडिया के सामने बातचीत करें, तो किसी ठोस समाधान पर पहुंचा जा सकता है। ऐसा इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि पिछले आंदोलनों में कुछ साथियों से बंद कमरे में बातचीत हुई, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। हमें लग रहा है कि इस बार भी वैसी ही कोशिश की जा रही है।"
रिपोर्ट
छात्रों से बातचीत के लिए जा सकते हैं मंत्री
आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक, संभावना है कि मंत्रियों का दल आज धरना स्थल पर पहुंचकर छात्रों से बातचीत करेगा। अगर धरना स्थल पर बातचीत नहीं हो पाई तो किसी सार्वजनिक स्थान पर छात्रों को बुलाया जा सकता है।
छात्रों के बढ़ते विरोध को देखते हुए सरकार परीक्षा के रिजल्ट को भी रद्द करने के विकल्प पर भी विचार कर रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस मुद्दे पर जल्द ही कोई फैसला लिया जा सकता है।
कार्रवाई
CID ने JPSC में धांधली को लेकर 5 को दबोचा
JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही झारखंड CID ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके नाम उमाकांत उरांव, रोशन केरकेट्टा, मनोज कुमार, रक्षक सिंह और धर्मेंद्र कुमार हैं।
CID के अनुसार, उमाकांत पर 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा में अनुचित साधनों का इस्तेमाल कर पास होने और बतौर एजेंट काम करने के आरोप हैं। रोशन और मनोज पर भी इसी तरह के आरोप हैं।
रक्षक JPSC परीक्षा आयोजित करने वाली कंपनी में अकाउंटेंट के पद पर है।
भूख हड़ताल
भूख हड़ताल पर बैठी छात्रा बोली- सेहत बिगड़ रही
समाचार एजेंसी PTI से एक छात्रा ने कहा, "आज हमारी भूख हड़ताल का तीसरा दिन है। हम कुछ भी खा-पी नहीं रहे हैं। मेरी सेहत बिगड़ रही है। अब देखना है कि सरकार हमारी मांगों पर कब ध्यान देती है। पिछले दिन की तुलना में मेरा ब्लड प्रेशर कम हो गया था। हमारी मांग है कि परीक्षा रद्द की जाए। लेकिन इसके बाद क्या होगा? हमें एक निश्चित समय-सीमा चाहिए। दोबारा परीक्षा 6 महीने के भीतर होनी चाहिए।"
मांगें
क्या हैं छात्रों की मांगें?
छात्र JPSC, JSSC-CGL समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की CBI जांच, दोषियों पर कार्रवाई और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।
प्रमुख मांगों में 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा रद्द करना, JPSC और JSSC दोनों में संरचनात्मक सुधार करना, भर्ती में कथित अनियमितताओं की जांच या तो CBI या झारखंड के बाहर के सेवानिवृत्त हाई कोर्ट के जजों के एक स्वतंत्र पैनल द्वारा करवाना शामिल है।