झारखंड JPSC प्रदर्शनकारियों से बातचीत करेगी सरकार, प्रतिनिधिमंडल बुलाया; वांगचुक की अपील पर छात्र ने पानी पीया
क्या है खबर?
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों के धरने का आज 12वां दिन है। इस बीच राज्य सरकार ने गतिरोध को तोड़ने के लिए बातचीत की पहल की है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने प्रदर्शनकारियों के 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री आवास पर चर्चा के लिए बुलाया है। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देने से पहले आपस में विचार-विमर्श करेंगे।
अधिकारी
छात्रों ने जवाब देने के लिए मांगा समय
सरकार की ओर से बातचीत का निमंत्रण देने के लिए उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (SDM) कुमार रजत और अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADM) धनंजय कुमार जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचे, जहां छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
एक छात्र ने कहा, "सरकार की ओर से बात करने के लिए अधिकारी आए थे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री हम लोगों से बात करना चाहते हैं। उन्होंने हमसे 5 लोगों का प्रतिनिधिमंडल बनाने के लिए कहा है जो छात्रों की ओर से सरकार से बात करेगा।"
भूख हड़ताल
सोनम वांगचुक से बात करने के बाद छात्र नेता ने पानी पीया
प्रदर्शन के बीच छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो 2 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। उन्होंने पानी पीना भी छोड़ दिया था।
आज पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने महतो से वीडियो कॉल पर बात की। वांगचुक ने उनसे कहा कि भूख हड़ताल के साथ-साथ पानी का त्याग करना आत्महत्या के समान है।
इसके बाद महतो ने वांगचुक की अपील मानते हुए अपने उपवास के तीसरे दिन पानी पी लिया।
समर्थन
छात्रों को मिला राजनीतिक पार्टियों का समर्थन
प्रदर्शनकारी छात्रों को अब कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टियों का समर्थन मिल रहा है। झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी समेत कई भाजपा विधायकों ने आज छात्रों से मुलाकात की।
इसके बाद मरांडी ने कहा, "परीक्षा में भारी गड़बड़ी हुई है। JPSC ने नौकरी बेची है। मैंने आज सर्वदलीय बैठक में भी साफ कहा है कि परीक्षा रद्द करें। हम झारखंड के युवाओं के साथ है। ये मांग पूरे झारखंड की है।"
मांग
क्या हैं छात्रों की मांगें?
छात्र JPSC, JSSC-CGL समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की CBI जांच, दोषियों पर कार्रवाई और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।
प्रमुख मांगों में 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा रद्द करना, JPSC और JSSC दोनों में संरचनात्मक सुधार करना, भर्ती में कथित अनियमितताओं की जांच या तो CBI या झारखंड के बाहर के सेवानिवृत्त हाई कोर्ट के जजों के एक स्वतंत्र पैनल द्वारा करवाना शामिल है।
मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री बोले- सरकार छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से ले रही
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से ले रही है और उनकी मांगों पर निर्णय उचित समय पर लिए जाएंगे।
उन्होंने कहा, "उनकी मांगों और चिंताओं का गहन विश्लेषण और पूरी गंभीरता के साथ उचित समय पर समाधान निकाला जाएगा। कई लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है और जांच एजेंसियां कई जगहों पर छापेमारी कर रही हैं। मेरा मानना है कि हम ठोस समाधान की ओर आगे बढ़ेंगे।"