झारखंड में गरमाया छात्र आंदोलन, CBI जांच की मांग पर विधानसभा मार्च
झारखंड के छात्रों ने राज्य सरकार के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें उसने भर्ती परीक्षा में हुई धांधली को लेकर उनकी 98 प्रतिशत मांगें मानने का दावा किया था। छात्रों का कहना है कि कुल 13 परीक्षाओं में से केवल 3 को ही रद्द किया गया है। वे सरकार पर सच छिपाने और बेईमानी का आरोप लगा रहे हैं।
अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए छात्रों ने सोमवार को विधानसभा मार्च निकालने का ऐलान किया है। उन्होंने बाकी छात्रों, बच्चों के माता-पिता और आम लोगों से भी इसमें शामिल होने की अपील की है। छात्रों ने राजनीतिक दलों से नैतिक समर्थन तो मांगा है, लेकिन साफ कह दिया है कि प्रदर्शन में किसी भी राजनीतिक पार्टी के झंडे का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। उनका यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन पिछले 17 दिनों से जारी है।
छात्रों ने CBI जांच की मांग की, CID पर भरोसा नहीं
छात्रों ने भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित धांधली की CBI जांच की मांग की है। उनका कहना है कि उन्हें CID जांच पर बिल्कुल भरोसा नहीं है, क्योंकि उन्हें मामले में लीपापोती का डर है।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक छात्र नेता ने सरकार के रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक बना रहेगा। छात्र राजनीतिक दलों से समर्थन तो चाहते हैं, लेकिन यह भी साफ कर दिया है कि वे नहीं चाहते कि उनके आंदोलन का कोई राजनीतिक फायदा उठाए।