झारखंड की सरकार ने JPSC की 14वीं और बैकलॉग परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया
क्या है खबर?
झारखंड की सरकार ने सोमवार को छात्रों के मुख्यमंत्री आवास तक कूच करने से पहले बड़ा ऐलान किया है। सरकार ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं और बैकलॉक की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। यह घोषणा मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने की। उन्होंने कहा कि मामले की वित्तीय गड़बड़ियों की जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) को पत्र लिखेंगे और जो अपराध जांच विभाग (CID) जांच कर रहा है, उसकी निगरानी कोर्ट करेगी।
मांग
सरकार ने कहा कि JSSC-CGL की जांच कोर्ट की निगरानी में कराएंगे
मंत्री ने कहा कि छात्रों की JPSC की 14वीं, बैकलॉग और TDPL की परीक्षा रद्द करने की बात मान ली है और जांच की मांग पर ED को पत्र लिखा है।
उन्होंने कहा कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC)-CGL की परीक्षा के परिणामों को सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में घोषित किया गया था और उसमें लोग नौकरी पा चुके हैं।
इसलिए मामले की जांच 90 दिन में कोर्ट की निगरानी में कराने का निर्णय लिया है।
ट्विटर पोस्ट
झारखंड सरकार का ऐलान
VIDEO | Ranchi: "JPSC 14th and backlog examinations will be cancelled. We will write to the ED to investigate the alleged financial misappropriation. The CID probe will be monitored by the judiciary," says Jharkhand Minister Dipika Pandey Singh on the Ranchi protest.
— Press Trust of India (@PTI_News) August 17, 2026
(Full video… pic.twitter.com/U2GTlkrmzB
बातचीत
दोपहर 2 बजे तीसरे दौर की बातचीत
प्रदर्शनकारी छात्रों की सरकार के साथ यह तीसरे दौर की बातचीत होगी, जो सोमवार को 2 बजे की जाएगी। हालांकि, अभी भी 6 प्रदर्शनकारी भूख हड़ताल पर हैं।
आंदोलन का नेतृत्व JPSC-JSSC सुधार मंच कर रहा है, जिसकी भर्ती परीक्षाओं में अनिमितता की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने और JSSC-CGL की परीक्षा रद्द कराने की है।
छात्रों और सरकार की आज की बैठक में इन दोनों मांगों पर निर्णय हो सकता है।
आग्रह
राहुल ने हेमंत सोरेन से छात्रों को मिलने का आग्रह किया
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर उनसे छात्रों से मिलने का अनुरोध किया है।
उन्होंने पत्र में लिखा, "छात्रों का विरोध-प्रदर्शन शांतिपूर्ण था और उनकी मांगें जायज थीं। भारत के युवा ही इसका भविष्य हैं। संकट की इस घड़ी में हम पर उनके प्रति एकजुटता और समर्थन दिखाने का दायित्व है। हमने पिछले कुछ महीनों से पेपर लीक और शिक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों को पूरा समर्थन दिया है।"