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जापानी प्रधानमंत्री का भारत दौरा: रुपये-येन में व्यापार, AI और सेमीकंडक्टर समेत हो सकते हैं ये समझौते
जापान की प्रधानमंत्री आज से भारत दौरे पर हैं (फाइल तस्वीर)

जापानी प्रधानमंत्री का भारत दौरा: रुपये-येन में व्यापार, AI और सेमीकंडक्टर समेत हो सकते हैं ये समझौते

लेखन आबिद खान
Jul 01, 2026
01:41 pm

क्या है खबर?

जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची आज से 3 दिवसीय भारत दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला आधिकारिक भारत दौरा है। वे आज शाम को दिल्ली पहुंचेंगी और कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगी। इस दौरान निवेश, व्यापार, सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज, समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। भारत और जापान में कई अहम समझौते भी हो सकती है। आइए दौरे की अहमियत समझते हैं।

दौरा

सबसे पहले जानिए कैसा रहेगा ताकाइची का दौरा

प्रधानमंत्री ताकाइची 1 जुलाई की शाम 7 बजे दिल्ली पहुंचेंगी, जहां उनका आधिकारिक स्वागत किया जाएगा। 2 जुलाई को सुबह 10 बजे राष्ट्रपति भवन में उनका औपचारिक स्वागत समारोह आयोजित होगा। इसी दिन सुबह 11:30 बजे वे हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक में शामिल होंगी। दोपहर 1:10 बजे दोनों देशों में समझौता ज्ञापनों (MoU) का आदान-प्रदान होगा। दोपहर 3 बजे प्रधानमंत्री ताकाइची भारत-जापान बिजनेस फोरम में भाग लेंगी। 3 जुलाई को वे वापस जापान लौटेंगी।

मुद्दे

किन मुद्दों पर होगी चर्चा?

दोनों देशों के बीच सेमीकंडक्टर और महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई चेन को मजबूत बनाने, AI को लेकर सहयोग, समुद्री सुरक्षा और रक्षा तकनीक में सहयोग, बंगाल की खाड़ी और पूर्वोत्तर भारत को जोड़ने वाली इंडस्ट्रियल वैल्यू चेन, निवेश और इनोवेशन को बढ़ावा देने की दिशा में बातचीत होगी। जापानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेता जापान-भारत संयुक्त दृष्टिकोण के तहत सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा करेंगे, जिनमें ऊर्जा, निवेश और आर्थिक विकास सहित विभिन्न क्षेत्र शामिल हैं।

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समझौते

क्या-क्या समझौते हो सकते हैं?

जिन समझौतों पर सहमति या चर्चा हो सकती है, उनमें दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ से जुड़ा सहयोग का दस्तावेज, ऊर्जा सुरक्षा पर बयान, बायोगैस, तेल और गैस के विकास, AI, अहम खनिजों की खोज और फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्र में सहयोग के समझौते शामिल हैं। वहीं, 16वें शिखर सम्मेलन में 'आर्थिक सुरक्षा सहयोग पर संयुक्त घोषणा' को आगे बढ़ा जाएगा, जिस पर पिछले साल ही हस्ताक्षर किए गए थे।

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व्यापार

डॉलर के बिना व्यापार की तैयारी में भारत-जापान

निक्की एशिया की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत-जापान ऐसी व्यवस्था बनाने पर काम कर रहे हैं, जिससे व्यापार का भुगतान सीधे भारतीय रुपये और जापानी येन में हो सके। इस प्रस्ताव पर मोदी और ताकाइची की बैठक के बाद ऐलान किया जा सकता है। अगर इस पर सहमति बनी, तो दोनों देशों के बीच पहली बार स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को लेकर औपचारिक व्यवस्था बनेगी और डॉलर पर से निर्भरता खत्म होगी।

संबंध

भारत-जापान संबंधों पर एक नजर

भारत और जापान के बीच वित्त वर्ष 2025-26 में 2.60 लाख करोड़ रुपये का व्यापार हुआ। फिलहाल भारत में करीब 1,400 जापानी कंपनियां काम कर रही हैं। जापान मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना समेत कई बड़ी बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं में भी निवेश कर रहा है। जापान भारत में निवेश करने वाला 5वां सबसे बड़ा देश है। दोनों देशों में रसायन, मशीनरी, वाहन, ऑटो पार्ट्स, रत्न, आभूषण, स्टील, लोहा और प्लास्टिक का व्यापार होता है।

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