जम्मू-कश्मीर में सोशल मीडिया पत्रकारिता पर कसेगा शिकंजा, मंत्री ने खोली 'गंदगी' की पोल
जम्मू-कश्मीर में अब सोशल मीडिया पत्रकारों के लिए नए नियम बनाए जाएंगे। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के गलत इस्तेमाल को लेकर बढ़ रही चिंताओं के बाद यह कदम उठाया जा रहा है।
मंत्री सकीना इटू ने बताया कि एक हाउस कमेटी ने सूचना विभाग को चार महीने का समय दिया है, ताकि वे साफ-सुथरे नियम तैयार कर सकें। इन नियमों का मकसद जिम्मेदारी वाली पत्रकारिता को बढ़ावा देना और गलत या नुकसानदायक सामग्री पर रोक लगाना होगा।
इटू ने सदस्य के अपमानजनक प्रतिरूपण का जिक्र किया
विधानसभा में चर्चा के दौरान, स्पीकर अब्दुल रहीम राथर ने कहा कि कोई भी नियम बनाने से पहले पूरी तरह से रिसर्च होनी चाहिए। इसी बीच, PDP विधायक वहीद पारा ने चेतावनी दी कि आज के डिजिटल जमाने में सेंसरशिप लागू नहीं करनी चाहिए।
मंत्री इटू ने इस बात पर जोर दिया कि सदन के हर सदस्य की जिम्मेदारी बनती है कि मीडिया का सही उपयोग हो। उन्होंने ऐसे कई मामले उठाए जहां सोशल मीडिया का दुरुपयोग लोगों को बदनाम करने के लिए किया गया।
मंत्री ने यह भी बताया कि एक सदस्य ने अपनी पत्नी की नौकरानी के नाम से एक सोशल मीडिया पेज बनाया था और उस पर मौजूद सामग्री को काफी अपमानजनक और गंदा बताया।
आने वाली यह नीति कड़ी निगरानी का वादा करती है, जिससे यह सुनिश्चित हो सकेगा कि ऑनलाइन पत्रकारिता नैतिक और सुरक्षित बनी रहे।