जम्मू-कश्मीर: 'राष्ट्र विरोधी' किताबों पर शिकंजा, हर शैक्षिक सामग्री की जांच
जम्मू-कश्मीर में स्कूलों, कॉलेजों, यूनिवर्सिटी और सरकारी लाइब्रेरियों में मौजूद सभी किताबें, रिसर्च थीसिस, जर्नल और बाकी शैक्षिक सामग्री की जांच हो रही है। इस जांच का मकसद उन सभी चीजों को पहचानना है, जिनसे आतंकवाद को बढ़ावा मिलता हो या जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करती हों। यह बड़ी कार्रवाई तब शुरू हुई जब 2 किताबों को हटा दिया गया। उन किताबों पर अलगाववादियों की तारीफ करने का आरोप था। इस मामले में 8 शिक्षा अधिकारियों को निलंबित भी कर दिया गया था।
UAPA केस के बाद जांच शुरू हुई
यह जांच इस महीने की शुरुआत में दर्ज एक मामले के बाद शुरू हुई। यह मामला गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, यानी UAPA के तहत दर्ज किया गया था।
शिक्षा विभाग ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, ताकि सभी शैक्षिक सामग्री संविधान के मूल्यों और राष्ट्रीय कानूनों के हिसाब से हो। यूनिवर्सिटी के कुलपतियों, कॉलेजों के प्राचार्यों, लाइब्रेरियन और स्कूल प्रबंधन को समय पर जांच पूरी करने की जिम्मेदारी दी गई है।