लेज के नाम पर 'हवा' बेचना पड़ा महंगा, कोर्ट ने पेप्सिको पर ठोका 8000 रुपये का जुर्माना
जयपुर की एक उपभोक्ता अदालत ने पेप्सिको इंडिया पर जुर्माना लगाया है। कंपनी को मानसिक उत्पीड़न के लिए 5,000 रुपये और कानूनी खर्च के तौर पर 3,000 रुपये चुकाने होंगे।
यह फैसला तब आया जब एक ग्राहक को लेज के पैकेट में तय मात्रा से काफी कम चिप्स मिले। पैकेट में 15 ग्राम चिप्स होने चाहिए थे, लेकिन उसमें सिर्फ 4 ग्राम ही निकले।
अदालत ने पैकेट की कीमत 5 रुपये वापस करने का भी निर्देश दिया है। यह पैसा 6 अप्रैल, 2022 से भुगतान की तारीख तक 6 प्रतिशत सालाना ब्याज के साथ वापस करना होगा। पेप्सिको को यह राशि एक महीने के भीतर चुकानी होगी।
मेट्रो को मिली क्लीन चिट, पेप्सिको ठहराया गया जिम्मेदार
नवंबर 2020 में चंद्रमन जालान ने मेट्रो कैश एंड कैरी से यह कम वजन वाला पैकेट खरीदा था। उन्होंने इस मामले को उपभोक्ता आयोग में उठाया।
अदालत ने इस मामले में सिर्फ पेप्सिको को जिम्मेदार माना है। मेट्रो को इस आरोप से बरी कर दिया गया।
शुरुआत में, पेप्सिको ने अदालत के नोटिसों को अनदेखा कर दिया था। बाद में, 10 अक्टूबर 2023 को कंपनी ने अपने वकील अंकित सेठी के जरिए एक अर्जी दी। इसमें उन्होंने पहले की 'एकतरफा कार्यवाही' को रद्द करने की मांग की थी, लेकिन अदालत ने उनकी यह अर्जी ठुकरा दी। इसी वजह से अब पेप्सिको को जुर्माने के साथ-साथ ब्याज सहित पैकेट का पैसा भी वापस करना होगा।