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भारत को एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल प्रणाली दे सकता है इजरायल, प्रधानमंत्री के दौरे पर चर्चा की संभावना
इजरायल के पास डेविड स्लिंग और आयरम डोम समेत कई मिसाइल रक्षा प्रणालियां हैं

भारत को एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल प्रणाली दे सकता है इजरायल, प्रधानमंत्री के दौरे पर चर्चा की संभावना

लेखन आबिद खान
Feb 21, 2026
12:01 pm

क्या है खबर?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25-26 फरवरी को 2 दिवसीय इजरायल दौरे पर जा रहे हैं। इस दौरान दोनों देशों में रक्षा और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने को लेकर कुछ अहम समझौते हो सकते हैं। हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, इजरायल भारत को नई रक्षा तकनीक देने के लिए तैयार है। इसमें लेजर आधारित डिफेंस सिस्टम, लंबी दूरी की मिसाइलें और ड्रोन शामिल हैं। हालांकि, बड़ा रक्षा सौदा होने की उम्मीद नहीं है।

रिपोर्ट

किन रक्षा प्रणालियों पर चर्चा की उम्मीद?

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और इजरायल मिलकर एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस प्रणाली पर काम कर सकते हैं। इसके अलावा लेजर हथियार, लंबी दूरी की स्टैंड-ऑफ मिसाइलें और ड्रोन का संयुक्त विकास के मुद्दे पर भी चर्चा संभव है। बता दें कि एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस प्रणाली भारत के मिशन सुदर्शन का अहम हिस्सा है। इसका उद्देश्य दुश्मन की लंबी दूरी की मिसाइलों को मार गिराना है। इजरायल के पास एरो, डेविड स्लिंग और आयरन डोम जैसी प्रणालियां हैं।

तकनीक

भारत के साथ नई रक्षा तकनीक साझा कर सकता है इजरायल

रिपोर्ट में कहा गया है कि इजरायल ने भारत के साथ नवीनतम रक्षा प्रौद्योगिकियों को साझा करने पर सहमति जताई है, जिनमें बहुप्रतीक्षित हाई-टेक लेजर रक्षा प्रणाली और अन्य स्टैंड-ऑफ प्रणाली शामिल हैं। इजरायल भारत के साथ उन रक्षा प्रौद्योगिकियों को भी साझा कर सकता है, जो उसने पहले कभी नहीं की है। रक्षा के अलावा दोनों देश विज्ञान, खेती, साफ पानी और नई तकनीक जैसे क्वांटम कंप्यूटिंग पर भी चर्चा कर सकते हैं।

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अन्य मुद्दे

इजरायल से ये हथियार खरीद सकता है भारत

भारत लंबी दूरी की मिसाइलें और गोला-बारूद खरीदने की योजना बना रहा है। 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारत ने रैम्पेज मिसाइल, पाम 400, हार्पी और हारोप का इस्तेमाल किया था। भारत स्पाइस 1000 बम, हवा से सतह पर वार करने वाली रैम्पेज मिसाइल, हवा से दागी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइल एयर लोरा और लंबी दूरी की आइस ब्रेकर मिसाइल प्रणाली खरीद सकता है। नौसेना सतह से सतह पर मार करने वाली बराक मिसाइल खरीदने की योजना बना रही है।

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मिसाइल

रैम्पेज और लोरा मिसाइलों की ताकत जानिए

570 किलोग्राम वजनी रैम्पेज मिसाइल GPS से निर्देशित होती है और एंटी-जैमरिंग सुविधाओं से लैस है। यह हवाई अड्डों, बंकरों और रसद केंद्रों को तबाह करने में सक्षम है। इन्हें सुखोई 30MKI, मिग-29 और जगुआर जैसे लड़ाकू विमानों से दागा जा सकता है। वहीं, करीब 5 मीटर लंबी और 1,600 किलो वजनी लोरा मिसाइल आवाज की गति से 5 गुना ज्यादा तेज रफ्तार से लक्ष्य को भेद सकती है। ये 400 किलोमीटर दूर से लक्ष्य पर हमला कर सकती है।

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