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तेल संकट आने पर किन-किन देशों ने मांगी भारत से मदद? जानिए क्या कर रही सरकार
भारत अपने पड़ोसी देशों को तेल आपूर्ति जारी रखने के लिए विचार कर रहा है (फाइल तस्वीर)

तेल संकट आने पर किन-किन देशों ने मांगी भारत से मदद? जानिए क्या कर रही सरकार

लेखन गजेंद्र
Mar 12, 2026
08:32 pm

क्या है खबर?

पश्चिम एशिया में तनाव बना हुआ है। अमेरिका और इजरायल की सेना ईरान पर हमले कर रही है। ईरान जवाब में खाड़ी देशों को निशाना रहा है और होर्मुज जलडमरूमध्य बंद कर दिया है, जिससे पूरी दुनिया में तेल संकट दिखने लगा है। रिफाइंड तेल निर्यात में बड़ा देश होने के कारण भारत के कई पड़ोसी देशों ने मदद की गुहार लगाई है। बता दें, होर्मुज से वैश्विक आपूर्ति का 20 प्रतिशत और भारत का 55 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है।

गुहार

किन देशों ने भारत से मांगी मदद?

मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों का एक प्रमुख निर्यातक है, विशेष रूप से अपने पड़ोसी देशों के लिए। उन्होंने बताया कि बांग्लादेश सरकार, श्रीलंका और मालदीव समेत कई देशों से डीजल आपूर्ति के लिए अनुरोध प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि भारत की अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं और उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए इनकी जांच की जा रही है।

विचार

बांग्लादेश को डीजल आपूर्ति करेगा भारत?

बांग्लादेश ने सबसे ज्यादा 4 महीने में 50,000 मीट्रिक टन डीजल मांगा है। इसपर प्रवक्ता ने कहा कि बांग्लादेश के प्रति भारत के जनकेंद्रित और विकास उन्मुख दृष्टिकोण को देखते हुए हम 2007 से नुमालीगढ़ रिफाइनरी से जल-रेल मार्ग और भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन माध्यमों से डीजल आपूर्ति कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के साथ ब्रिकी-खरीद समझौते के बाद 2017 से डीजल निर्यात जारी है, लेकिन अपनी आवश्यकता और डीजल उपलब्धता ध्यान में रखकर निर्णय लिया जाएगा।

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निर्यातक

दुनिया का चौथा बड़ा रिफाइंड तेल निर्यातक है भारत

भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइंड ईंधन निर्यातक है। वह 10 लाख बैरल प्रतिदिन निर्यात करता है, जिसमें नेपाल को 28 प्रतिशत पाइप और सड़क मार्ग से जाता है। इसके बाद अन्य एशियाई देश, यूरोप आदि देशों को निर्यात किया जाता है। भारत में कच्चा तेल उत्पादन बहुत कम है, जो देश की जरूरत का मात्र 11-12 प्रतिशत है। वह 88 से 90 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है। रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादन क्षमता 50 लाख बैरल प्रतिदिन है।

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