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INSV कौंडिन्या को गुजरात से ओमान पहुंचने पर मिली सलामी, क्यों खास है यह समुद्री यात्रा?
INSV कौंडिन्या गुजरात से ओमान पहुंचा

INSV कौंडिन्या को गुजरात से ओमान पहुंचने पर मिली सलामी, क्यों खास है यह समुद्री यात्रा?

लेखन गजेंद्र
Jan 14, 2026
03:34 pm

क्या है खबर?

भारतीय नौसेना का स्वदेशी रूप से बना पारंपरिक पोत INSV कौंडिन्या बुधवार को गुजरात के पोरबंदर से अपनी समुद्री यात्रा पूरी करके ओमान के मस्कट पहुंच गया। मस्कट के सुल्तान काबूस बंदरगाह पहुंचने पर कौंडिन्या को वाटर सैल्यूट (जल सलामी) दिया गया। इस अभियान का नेतृत्व कमांडर विकास शेओरान ने किया। उनके साथ कमांडर वाई हेमंत कुमार प्रभारी अधिकारी के रूप में परियोजना की प्रारंभिक अवस्था से इससे जुड़े थे। दल में 4 अधिकारी और 13 नौसैनिक शामिल थे।

यात्रा

कितने दिन में पूरी की 1,400 किलोमीटर की यात्रा?

INSV कौंडिन्या 29 दिसंबर, 2025 को पोरबंदर से रवाना हुआ, जो 1,400 किलोमीटर का प्राचीन समुद्री मार्ग तय कर 17 दिन बाद ओमान पहुंचा है। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य संजीव सान्याल इस पोत के चालक दल का हिस्सा थे, जिन्होंने लगातार यात्रा का सोशल मीडिया पर अपडेट दिया। भारत-ओमान ने दिसंबर 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मस्कट यात्रा के दौरान इस समुद्री यात्रा का उल्लेख किया था और इसे साझा समुद्री परंपराओं का प्रतीक बताया था।

खासियत

क्या है INSV कौंडिन्या की खासियत?

INSV कौंडिन्या सिलाई से निर्मित पालयुक्त जहाज है, जो अजंता गुफाओं में चित्रित 5वीं शताब्दी ईस्वी के जहाज पर आधारित है। इसके निर्माण में नारियल के रेश, प्राकृतिक तंतु और राल उपयोग हुआ है, जो 2,000 साल पुरानी जहाज निर्माण की परंपरा दिखाता है। इसके पालों पर गंडभेरुंडा, सूर्य के चित्र, धनुष पर सिंह याली की नक्काशी, डेक पर हड़प्पा शैली का प्रतीकात्मक पत्थर का लंगर है। कौंडिन्य प्रसिद्ध नाविक थे, जो भारतीय सागर पार करके दक्षिणपूर्व एशिया पहुंचे थे।

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ट्विटर पोस्ट

INSV कौंडिन्या को जल सलामी

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INSV कौंडिन्या का दृश्य

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