यात्री से कंबल साझा कराना रेलवे को पड़ा भारी, चुकाने होंगे 25,000 रुपये
भारतीय रेलवे को एक यात्री को 25,000 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया गया है। दरअसल, यह मामला 2022 का है, जब प्रयागराज से दिल्ली की यात्रा के दौरान एक यात्री को दूसरे मुसाफिर के साथ कंबल और तकिया साझा करना पड़ा था। रेलवे का नियम है कि RAC टिकट वाले यात्रियों को भी अपना अलग बिस्तर मिलना चाहिए, लेकिन इस नियम का पालन नहीं किया गया। यात्री ने इस समस्या को रेलवे स्टाफ, ट्विटर और RTI के जरिए उठाया। रेलवे ने दावा किया था कि उसने यात्री को अलग से बिस्तर मुहैया कराया था, लेकिन यात्री ने इस बात को गलत बताया। आखिर में उपभोक्ता फोरम ने यात्री के हक में फैसला सुनाया।
रेलवे को 20,000 रुपये मानसिक परेशानी के लिए देना होंगे
यात्री को जो कुल 25,000 रुपये का मुआवजा मिला है, उसमें से 20,000 रुपये मानसिक परेशानी और शारीरिक दिक्कत के लिए हैं। बाकी 5,000 रुपये उसके कानूनी खर्चों के तौर पर दिए गए हैं। अगर रेलवे 60 दिन के भीतर यह रकम नहीं चुकाता है, तो उसे 7 प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान करना पड़ेगा।
यह फैसला सभी सेवा देने वाली कंपनियों के लिए एक बड़ी सीख है।