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ईरानी युद्धपोत को लेकर भारतीय नौसेना का बयान, कहा- संदेश मिलते ही तुरंत मदद भेजी
IRIS डेना को लेकर भारतीय नौसेना का बयान आया

ईरानी युद्धपोत को लेकर भारतीय नौसेना का बयान, कहा- संदेश मिलते ही तुरंत मदद भेजी

लेखन गजेंद्र
Mar 05, 2026
08:46 pm

क्या है खबर?

ईरान के युद्धपोत IRIS डेना पर भारत से लौटते समय अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा टॉरपीडो हमले के बाद पहली बार भारतीय नौसेना का बयान सामने आया है। नौसेना ने गुरुवार देर शाम को एक बयान जारी कर कहा कि उसे ईरानी युद्धपोत की ओर से संकटकालीन संदेश प्राप्त हुआ था, जिसके बाद तुरंत उसकी मदद की गई थी। नौसेना ने बताया कि उसने तुरंत अपनी खोज और बचाव कोशिशें शुरू कीं थी और अभी भी खोज और बचाव कार्य जारी है।

बयान

नौसेना ने क्या कहा?

नौसेना ने बयान में कहा, "श्रीलंकाई नौसेना की रिपोर्ट के मुताबिक, 4 मार्च की सुबह कोलंबो स्थित समुद्री बचाव समन्वय केंद्र में IRIS डेना से एक संकटकालीन सूचना मिली थी। यह जहाज गाले से 20 समुद्री मील पश्चिम में, श्रीलंका के अधीन खोज एवं बचाव क्षेत्र में कार्यरत था। जानकारी मिलते ही, भारतीय नौसेना ने तुरंत खोज और बचाव काम शुरू किए और तुरंत समुद्री पेट्रोल एयरक्राफ्ट के साथ श्रीलंका की अगुवाई में खोज अभियान को बढ़ाया।"

बयान

अभी भी जारी है खोज और बचाव अभियान

नौसेना ने आगे बताया, "हवा से गिराए जा सकने वाले लाइफ राफ्ट वाले एक और एयरक्राफ्ट और पास काम कर रही INS तरंगिनी को भी तैनात किया गया। वह 4 मार्च को दोपहर में मौके पर पहुंच गई। इस समय तक श्रीलंकाई नौसेना और दूसरी एजेंसियों ने खोज-बचाव का काम शुरू कर दिया था। INS इक्षक भी कोच्चि से रवाना हो गया है। वह जहाज के मलबे में फंसे लोगों के लिए लापता लोगों की खोज कर रहा है।"

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मामला

भारत से लौटते समय अमेरिका ने किया था हमला

IRIS डेना नामक ईरान का नौसैनिक युद्धपोत भारत के विशाखापत्तनम में एक नौसैनिक अभ्यास में आया था और लौट रहा था। तभी ईरान से लगभग 2,000 समुद्री मील दूर उस पर अमेरिका ने अपनी पनडुब्बी द्वारा टॉरपिडो हमला कर दिया। घटना के समय युद्धपोत पर 130 लोग सवार थे। हमले में करीब 87 नाविक मारे गए हैं, जबकि 32 लोगों को श्रीलंका ने बचा लिया। कई लापता हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे बड़ी जीत बताया।

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निंदा

घटना पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार को घेरा

भारत संयुक्त अभ्यास पर आए IRIS डेना को अमेरिका द्वारा निशाना बनाए जाने पर कांग्रेस ने बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति की आलोचना की है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस विदेश विभाग के चेयरमैन सलमान खुर्शीद ने इसे भारतीय विदेश नीति पर गहरी चोट बताया। खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी भारत के मेहमान युद्धपोत को भी संकट से बचाने में नाकामयाब रहे, कोई चिंता और दुख का बयान न देकर वे चुप हैं।

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