मानसून की धीमी रफ्तार, अल नीनो का भी खतरा; क्या सूखे की ओर उत्तर भारत?
भारत में मानसून की गति धीमी पड़ रही है। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि बादलों की संख्या घट गई है, खासकर बंगाल की खाड़ी के ऊपर, जो हमारे देश में बारिश का एक अहम स्रोत है। मानसून की यह सुस्ती ऐसे समय में आई है जब प्रशांत महासागर में अल नीनो की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। यह इसलिए चिंता का विषय है क्योंकि अल नीनो के सक्रिय होने पर आमतौर पर मानसून कमजोर ही पड़ता है।
मध्य भारत में बारिश, उत्तर भारत में तपिश
मध्य भारत में कम दबाव का एक सिस्टम सक्रिय है, जिसके कारण वहां अभी भी रुक-रुक कर बारिश हो रही है। वहीं, उत्तर भारत के बड़े हिस्से, जैसे दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में अभी भी मौसम सूखा और काफी गर्म है।
इन इलाकों में कहीं-कहीं शाम को हल्की बूंदाबांदी भले ही हो जाए, लेकिन फिलहाल भारी बारिश या बड़े तूफानों के आसार नहीं दिख रहे हैं। मौसम वैज्ञानिक अल नीनो पर करीब से नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि उनकी आशंका है कि इसके असर से सूखे का यह दौर और लंबा खिंच सकता है।