मानसून पर मंडराया संकट, मौसम विभाग ने 2026 का अनुमान घटाया
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भारत के मौसम विभाग (IMD) ने साल 2026 के लिए मानसून बारिश के अपने पूर्वानुमान को घटाकर औसत का 90 प्रतिशत कर दिया है। पहले अप्रैल में विभाग ने 92 प्रतिशत बारिश का अनुमान जताया था। चूंकि मानसून की बारिश किसानों और ग्रामीण इलाकों के लिए जीवन रेखा मानी जाती है, इसलिए इस कमी के चलते फसलों और देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर को लेकर नई चिंताएं सामने आई हैं।
भारतीय मानसून की कमी से कृषि संबंधी चिंताएं बढ़ीं
मानसून का मतलब केवल बारिश के दिन नहीं होते, बल्कि ये खाद्य उत्पादन और ग्रामीण इलाकों की आय को बनाए रखने में भी बड़ी भूमिका निभाते हैं। जब मौसम विभाग इस मौसम को "सामान्य से कम" बता रहा है, तो कृषि क्षेत्र और उस पर निर्भर लोगों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। ऐसे में खाद्य कीमतों या खेती-बाड़ी से जुड़ी खबरों पर बारीकी से नजर रखना और भी अहम हो जाता है।