
जम्मू-कश्मीर में विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर सेना ने 15 दिनों में 11 आतंकी मारे
क्या है खबर?
जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ भारतीय सेना विशेष ऑपरेशन चला रही है। सेना ने पिछले 15 दिनों में 11 विदेशी आतंकवादियों को मार गिराया है। इसके अलावा भारी मात्रा में नशीले पदार्थ, हथियार और गोला-बारूद की बरामदगी की गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, एजेंसियों से मिली सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर इन कार्रवाईयों को अंजाम दिया गया है। आज भी कुलगाम में एक आतंकवादी की मुठभेड़ में मौत हो गई।
जानकरी
सटीक खुफिया जानकारी से मिली कामयाबी
सुरक्षा बलों के अधिकारियों ने समाचार एजेंसी ANI को बताया कि नियंत्रण रेखा (LoC) पर भारतीय चौकियों के विपरीत क्षेत्रों में नए चेहरों के सक्रिय होने के बाद भारतीय सेना ने खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर कुपवाड़ा में विशिष्ट क्षेत्रों में निगरानी बढ़ानी शुरू की।
इस जानकारी के आधार पर बढ़ी हुई निगरानी ने सुरक्षा बलों को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा सेक्टर में घुसपैठ की 3 बड़ी कोशिशों को नाकाम करने में मदद की।
घटनाएं
सेना को कब-कब मिली कामयाबी?
13 जून को माछिल सेक्टर में 2 आतंकवादियों को सैनिकों ने मार गिराया। इनके पास से पाकिस्तानी निशान वाली 2 AK-47 राइफलें, ग्रेनेड और गोला-बारूद बरामद हुए।
16 जून को केरन सेक्टर में मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 5 आतंक वादियों को मार गिराया। इनके पास से भी पाकिस्तान के निशान वाली स्नाइपर राइफल और गोला-बारूद बरामद हुआ।
23 जून को माछिल सेक्टर में ही 4 विदेशी आतंकवादियों को सेना ने मार गिराया। इनके पास से 12 राइफलें जब्त की गईं।
ड्रग्स
55 किलो ड्रग्स भी बरामद
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुरक्षा बलों ने 55 किलोग्राम A1 ग्रेड ड्रग्स भी बरामद की है। महानगरों में इनकी कीमत कम से कम 5 करोड़ रुपये प्रति किलोग्राम हो सकती है।
सूत्रों का कहना है कि इससे संकेत मिलता है कि पाकिस्तानी सेना और उसकी खुफिया एजेंसी ISI ड्रग्स के माध्यम से आतंकवाद फैलाने की कोशिश कर रही है। सुरक्षा बल जब्त किए गए सामान के आधार पर और विस्तृत जांच करने में जुटे हैं।
चौकसी
अमरनाथ यात्रा को देखते हुए सेना मुस्तैद
अमरनाथ यात्रा और पाकिस्तान के राजनीतिक हालात को देखते हुए सेना ने इलाके में जवानों की अतिरिक्त तैनाती की है।
सेना नए उच्च तकनीक निगरानी उपकरणों का उपयोग करके LoC पर भी कड़ी निगरानी कर रही है। इससे पाकिस्तान की तरफ किसी भी असामान्य गतिविधियों का विश्लेषण करने में आसानी होती है।
बरामद किए गए हथियारों से ये कयास लगाए जा रहे हैं कि ये हथियार उन आतंकवादियों को दिए जाने थे, जो पहले से ही घाटी में हैं।