तेजस फिर हुआ हादसे का शिकार, भारतीय वायुसेना ने जांच के बीच बेड़े की उड़ान रोकी
क्या है खबर?
भारत के स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमान की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इस महीने की शुरूआत में एक बार फिर हल्का लड़ाकू विमान (LCA) दुर्घटनाग्रस्त हुआ है, जिसके बाद भारतीय वायुसेना (IAF) ने इसका परिचालक फिलहाल रोक दिया है। बताया जा रहा है कि हादसे में पायलट पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन विमान को नुकसान पहुंचा है। अभी तक घटना को लेकर किसी अधिकारी और IAF ने कोई बयान जारी नहीं किया है।
हादसा
कैसे हुआ हादसा?
द टेलीग्राफ और संडे गार्डियन के मुताबिक, 7 फरवरी को तेजस LCA MK-1 का हालिया हादसा ऐसे समय हुआ, जब IAF इसके उन्नत संस्करण (MK-1A) को शामिल करने की तैयारी में जुटा है। हादसा नियमित प्रशिक्षण उड़ान के बाद एक प्रमुख भारतीय हवाई अड्डे पर लैंडिंग के दौरान हुआ। हवाई पट्टी के पास पहुंचते समय लड़ाकू विमान में कुछ दिक्कतें आ गईं, जिसके बाद एकल सीट से पायलट तुरंत सुरक्षित बाहर निकल गया। हालांकि, विमान को नुकसान पहुंचा।
जांच
पिछले सालों में तीसरा बड़ा हादसा
टेलीग्राफ ने रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी के हवाले से बताया कि "प्रारंभिक जांच में ब्रेक फेल होने की संभावना है।" तेजस के साथ पिछले कुछ सालों में यह तीसरा बड़ा हादसा है। पिछले साल नवंबर में, दुबई में दुनिया की सबसे बड़ी विमानन प्रदर्शनियों में तेजस के दुर्घटनाग्रस्त होने से एक भारतीय वायुसेना के पायलट की मौत हो गई थी। मार्च 2024 में भी राजस्थान के जैसलमेर के पास एक एकल इंजन वाला तेजस विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
जांच
वर्ष 2016 में IAF के बेड़े में शामिल हुआ था तेजस
तेजस को वर्ष 2016 में IAF के बेड़े में शामिल किया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2023 में तेजस से उड़ान भरने के बाद इसे 'भारत का गौरव' बताया था। तेजस भारत का पहला स्वदेशी लड़ाकू विमान है, हालांकि इसमें विदेशी इंजन लगा है। इसके अग्रभाग के दाहिनी ओर एक हवाई ईंधन भरने वाला यंत्र है। IAF वर्तमान में 2 MK-1 स्क्वाड्रन (प्रत्येक में 16-18 विमान) संचालित करती है। दुर्घटना में शामिल तीनों विमान MK-1 बेड़े के थे।