अल नीनो की वजह से देश में दालों की कमी का खतरा, सरकार ने उठाया बड़ा कदम
अल नीनो की वजह से मौसम बिगड़ने और दालों की कमी होने की आशंका है। इसी चिंता में भारत सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब वह अपने तुअर और चना दाल के भंडार को 9 महीने से ज्यादा समय तक रोके रखेगी, जो कि सामान्य नियमों के उलट है। पिछले हफ्ते उपभोक्ता मामलों के विभाग ने इसके लिए एक खास छूट की मांग की है ताकि इन स्टॉक्स को जल्दबाजी में बाजार में न लाना पड़े। सरकार का मकसद यह है कि अगर खराब मौसम की वजह से दालों की पैदावार कम हुई, तो बाजार में कीमतों के अचानक बढ़ने और सप्लाई की कमी से आम लोगों को बचाया जा सके।
भारत के दाल स्टॉक ने पॉलिसी रिव्यू की जरूरत पैदा की
फिलहाल भारत के पास करीब 45 लाख टन दालों का भंडार है। इसमें लगभग 11 लाख टन तुअर और 23 लाख टन चना शामिल है। इस साल इन दालों का एक बड़ा हिस्सा 'प्राइस स्टेबिलाइजेशन फंड' में भी डाला जा चुका है। लेकिन भविष्य में और स्टॉक ट्रांसफर करने के लिए फंड की कमी है, जिससे सरकार की चिंता बढ़ गई है। इसी के चलते अधिकारी इस बात पर गौर कर रहे हैं कि खुले बाजार में दालों को कैसे बेचा जाए और क्या आगे मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए फसल खरीदने के लिए नए नियम बनाने की जरूरत पड़ेगी।