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आयात में विविधता, नियमों में छूट; ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़े कदम उठा रही भारत सरकार
ईरान युद्ध से उपजी स्थिति से निपटने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है

आयात में विविधता, नियमों में छूट; ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़े कदम उठा रही भारत सरकार

लेखन आबिद खान
Apr 02, 2026
11:41 am

क्या है खबर?

ईरान युद्ध को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रोज मिले-जुले संकेत दे रहे हैं। इससे युद्धविराम को लेकर अनिश्चितताएं और बढ़ गई हैं। इस बीच भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा और घरेलू अर्थव्यवस्था पर असर को कम करने के लिए बहुस्तरीय रणनीति पर काम कर रहा है। इसमें तेल और गैस आयात में विविधता लाना, महंगाई पर लगाम, उर्वरक और कृषि क्षेत्र को राहत के लिए कदम जैसे उपाय शामिल हैं।

विविधता

ऊर्जा आयात में विविधता ला रहा देश

भारत अपनी जरूरत का करीब 85 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है। होर्मुज जलडमरुमध्य बंद होने से इस आयात पर भारी असर पड़ा है। इससे निपटने के लिए भारत कई देशों से LPG और PNG की खरीद कर आपूर्ति श्रृंखला का विस्तार कर रहा है और खरीद प्रक्रिया में लचीलापन ला रहा है, ताकि पश्चिम एशिया पर निर्भरता कम की जा सके। भारत ने अमेरिका, रूस, समेत अर्जेंटीना तक का रुख किया है।

गैस

हर दिन 50 लाख गैस सिलेंडरों की आपूर्ति 

ईरान युद्ध के चलते LPG गैस आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। इसके बाद देश में घरेलू आपूर्ति मजबूत की गई है। हर दिन लगभग 50 लाख LPG सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं और लगभग 3 लाख नए गैस कनेक्शन जोड़े जा रहे हैं। पाइपलाइन के माध्यम से PNG का भी तेजी से विस्तार हो रहा है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वैश्विक संकट के दौरान भी घरों तक ईंधन की पहुंच बनी रहे।

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पेट्रोकेमिकल

पेट्रोकेमिकल उत्पाद पर 2 महीने तक सीमा शुल्क माफ

सरकार ने आज से चुनिंदा महत्वपूर्ण पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर सीमा शुल्क पूरी तरह खत्म कर दिया है। ये छूट 2 महीने तक लागू रहेगी। इससे प्लास्टिक और पैकेजिंग, वस्त्र, दवाइयों, ऑटोमोटिव घटक और अन्य विनिर्माण खंड क्षेत्रों को राहत मिलेगी। जिन उत्पादों पर छूट मिली हैं, उनमें शामिल हैं- केमिकल्स: एनहाइड्रस अमोनिया, टोल्यून, स्टाइरीन, मेथनॉल और फिनोल। औद्योगिक कच्‍चा माल: एसेटिक एसिड, प्यूरिफाइड टेरेफ्थैलिक एसिड (PTA) और एपॉक्सी रेजिन। पॉलिमर: एथिलीन और विभिन्न प्रकार के फॉर्मल्डिहाइड।

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बिजली

बिजली की कमी से निपटने के लिए उठाए गए ये कदम

बिजली की संभावित कमी से निपटने के लिए 7-8 गीगावाट क्षमता वाले गैस आधारित संयंत्रों को बिजली आपूर्ति नियमों से छूट दी गई है। इसी के साथ कोयले से बिजली बनाने वाले तापीय संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति बढ़ाई गई है और बिजली उत्पादन के लिए LNG आयात में बढ़ोतरी की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गर्मियों के चरम मौसम के दौरान बिजली की कटौती न हो।

अन्य कदम

ये कदम भी उठा रही सरकार

सरकार ने जरूरी वस्तुओं की जमाखोरी रोकने के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं और जमाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए राजनयिक प्रयास किए जा रहे हैं। फेक न्यूज को फैलने से रोकने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारी केंद्र और राज्य सरकारों के बीच निरंतर समन्वय सुनिश्चित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री खुद लगातार बैठकें कर स्थिति पर नजर रख रहे हैं।

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