भारत ने होर्मुज में जहाजों पर हुए हमलों की निंदा की, ईरानी राजनयिक को तलब किया
क्या है खबर?
होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज पर हुए हमले के बाद भारत ने सख्त रुख अपनाया है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने अपना विरोध दर्ज करवाने के लिए ईरान के उप राजदूत को विदेश मंत्रालय में तलब किया है। एक तस्वीर भी सामने आई है, जिसमें भारत में ईरान के उप मिशन प्रमुख मोहम्मद जवाद हुसैनी और कुछ अन्य ईरानी राजनयिक विदेश मंत्रालय से बाहर निकलते हुए दिखाई दे रहे हैं।
निंदा
विदेश मंत्रालय ने बताई जहाजों पर भारतीय नागरिकों की स्थिति
विदेश मंत्रालय ने कहा, "दोनों जहाजों पर कुल 30 भारतीय नाविक सवार थे। 'अल बहिया' पर सवार 12 भारतीय नागरिकों में से एक की दुखद मौत हो गई और दूसरा घायल हो गया। 'मोंबासा' पर 18 भारतीय नागरिकों में से 9 को चोटें आई हैं, जिनमें से 2 गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। हम मृतक भारतीय नागरिक के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करते हैं।"
बयान
भारत ने ईरानी दूतावास के समक्ष दर्ज कराया विरोध
मंत्रालय ने कहा, "नई दिल्ली में ईरान दूतावास के उप प्रमुख को आज सुबह विदेश मंत्रालय ने बुलाया और इन हमलों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। हम नाविकों को निशाना बनाकर किए गए इन हमलों और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे जलमार्गों से आजाद और सुरक्षित आवाजाही को बाधित करने वाली घटनाओं की कड़ी निंदा करते हैं। हम पश्चिम-एशियाई क्षेत्र में हमलों के फिर से शुरू होने और दुश्मनी बढ़ने पर अपनी गहरी चिंता जताते हैं।"
हमला
हमले में मारा गया एक भारतीय नाविक
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में 2 जहाजों पर हमला किया था। 'मोंबासा' और 'अल बहिया' नाम के ये दोनों जहाज संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के थे।
इन हमलों में 'अल बहिया' पर तैनात एक भारतीय नाविक मारा गया था। वहीं, एक घायल हो गया था।
UAE के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि हमले के वक्त जहाज ओमान की समुद्री सीमा के अंदर जलडमरूमध्य के दक्षिणी शिपिंग लेन से गुजर रहे थे।
तनाव
अमेरिका ने लगातार तीसरे दिन किए हमले
अमेरिका और ईरान में कुछ दिनों की शांति के बाद फिर युद्ध का दौर शुरू हो गया है। आज अमेरिका ने 5 घंटे तक ईरान के कम से कम 6 शहरों को निशाना बनाया है। इसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई में खाड़ी देशों में स्थिति अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हमले किए हैं।
ताजा विवाद होर्मुज जलडमरूमध्य के नियंत्रण को लेकर है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका यहां से गुजरने वाले जहाजों से 20 प्रतिशत शुल्क वसूलेगा।