HCL टेक AI डाटा सेंटर कारोबार में करेगी 3,500 करोड़ रुपये का निवेश
क्या है खबर?
HCL टेक ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डाटा सेंटर कारोबार में उतरने की घोषणा की है। कंपनी इस क्षेत्र में 3,500 करोड़ रुपये तक का रणनीतिक निवेश करने की योजना बना रही है। HCL टेक का कहना है कि आने वाले वर्षों में AI सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ेगी। इसी को देखते हुए कंपनी डाटा सेंटर क्षमता बढ़ाने की तैयारी कर रही है। हालांकि, इसी दौरान कंपनी ने पिछले तीन महीनों में 3,292 कर्मचारियों की संख्या भी घटाई है।
वजह
AI डाटा सेंटर क्यों हैं जरूरी?
HCL टेक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सी. विजयकुमार ने बताया कि कंपनी 50 मेगावाट तक की क्षमता विकसित करने की योजना बना रही है।
AI डाटा सेंटर वे जगहें होती हैं, जहां ChatGPT, जेमिनी जैसे AI मॉडल चलाए जाते हैं। जैसे-जैसे AI का इस्तेमाल बढ़ रहा है, वैसे-वैसे अधिक कंप्यूटिंग क्षमता की जरूरत भी बढ़ रही है।
इसी मांग को पूरा करने के लिए कंपनी नए कारोबार में निवेश कर रही है और अपनी सेवाओं का लगातार विस्तार करेगी।
ध्यान
सरकार और कंपनियों की जरूरत पर रहेगा फोकस
कंपनी का कहना है कि सरकारी विभागों और बड़े कारोबारों में सुरक्षित डाटा रखने की जरूरत बढ़ रही है।
इसी को ध्यान में रखते हुए HCL टेक AI डाटा सेंटर तैयार करेगी। कंपनी ने हाल ही में भारतीय AI स्टार्टअप सर्वम AI में 15 करोड़ डॉलर (लगभग 1,400 करोड़ रुपये) का निवेश किया है।
इसके अलावा, OpenAI के साथ साझेदारी के जरिए ChatGPT एंटरप्राइज का भी इस्तेमाल कर रही है और कई नई परियोजनाओं पर भी काम कर रही है।
संभावना
AI को बताया भविष्य की बड़ी संभावना
CEO विजयकुमार के अनुसार, AI ने कंप्यूटिंग की पूरी व्यवस्था बदल दी है।
उनका कहना है कि डाटा सेंटर, GPU, AI मॉडल और एंटरप्राइज एप्लिकेशन को एक साथ जोड़कर कंपनी ग्राहकों को पूरी AI सेवा देना चाहती है। HCL टेक का मानना है कि इससे नए कारोबारी अवसर मिलेंगे और भविष्य में कंपनी की वृद्धि को नई दिशा मिलेगी।
कई ग्राहकों के साथ इस संबंध में बातचीत भी तेजी से आगे बढ़ रही है।
दांव
IT कंपनियां बढ़ा रही हैं AI पर दांव
भारतीय IT कंपनियां अब AI को भविष्य की बड़ी जरूरत मान रही हैं। इससे कई कंपनियां इस क्षेत्र में बड़े निवेश की घोषणा कर चुकी हैं।
पिछले साल TCS ने भी अगले पांच से सात वर्षों में 1 गीगावाट डाटा सेंटर क्षमता विकसित करने के लिए लगभग 580 अरब रुपये निवेश करने की योजना बताई थी।
AI परियोजनाओं के लिए हजारों इंजीनियरों की भर्ती की तैयारी भी शुरू की गई है और नए ग्राहकों को जोड़ने पर जोर है।