भारत-सऊदी अरब ने संभाली ऊर्जा सुरक्षा की कमान, जानिए कैसे
रियाद में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान के बीच एक अहम मुलाकात हुई। इस मुलाकात में ऊर्जा की लगातार सप्लाई बनाए रखने और जरूरी समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखने पर खास जोर दिया गया। इसकी वजह है पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव। दोनों देश अपनी साझेदारी को और मजबूत करना चाहते हैं और इन बड़ी चुनौतियों का मिलकर सामना करने पर सहमत हुए।
समुद्री रास्तों के जोखिम से वैश्विक व्यापार को खतरा
यमन के हूती विद्रोही एक जरूरी समुद्री रास्ते (बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य) को बंद करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर दूसरे महत्वपूर्ण रास्ते (होर्मूज जलडमरूमध्य) पर भी दिख रहा है। इन वजहों से दुनिया के व्यापार पर बड़ा खतरा पैदा हो गया है। भारत अपनी ऊर्जा की जरूरतों के लिए सऊदी अरब पर काफी निर्भर है। वहां लाखों भारतीय भी काम करते हैं। ऐसे में इन समुद्री रास्तों की सुरक्षा दोनों देशों के लिए बहुत जरूरी हो जाती है। यह मुलाकात दिखाती है कि दोनों देश क्षेत्रीय जोखिमों से निपटने के लिए गंभीर हैं।