अब निजी कंपनियां बनाएंगी 'अस्त्र' और 'प्रलय' जैसी मिसाइलें
भारत का रक्षा मंत्रालय अब अस्त्र मार्क 2 मिसाइल के उत्पादन के लिए निजी कंपनियों को भी अनुमति दे रहा है। क्षेत्रीय तनाव के बीच देश की रक्षा ताकत बढ़ाने के मकसद से यह कदम उठाया जा रहा है। यह स्वदेशी मिसाइल हवा से हवा में मार करने में सक्षम है, जिसकी मारक क्षमता 180 किलोमीटर से भी ज्यादा है। जल्द ही इसे तेजस मार्क 1-A, SU-30 MKI, MiG-29 और राफेल मरीन जैसे लड़ाकू विमानों पर तैनात किया जाएगा।
प्रलय मिसाइल के लिए सरकार निजी क्षेत्र की मदद लेगी
इस मिसाइल के उत्पादन में टाटा, महिंद्रा, अदानी, भारत फोर्ज और आइकॉम जैसे बड़े उद्योग घराने शामिल होंगे। जैसे ही सरकार इन कंपनियों को प्रस्ताव भेजेगी, काम शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही, रक्षा मंत्रालय 'प्रलय' बैलिस्टिक मिसाइल के उत्पादन के लिए भी निजी क्षेत्र की मदद लेगा। इस मिसाइल की मारक क्षमता 500 किलोमीटर है। भारत रूस से और S-400 सिस्टम खरीदने की भी योजना बना रहा है। इन सब के अलावा, भारत ड्रोन और रॉकेट हमलों से बेहतर सुरक्षा पाने के लिए इजरायल के साथ मिलकर लंबी दूरी के एंटी-मिसाइल नेटवर्क पर काम कर रहा है।