दूध के दाम बेकाबू, चारे के दाम तिगुने: 8 करोड़ किसानों पर जलवायु परिवर्तन की मार!
भारत दूध उत्पादन में दुनिया में सबसे आगे है, लेकिन जलवायु परिवर्तन उन 8 करोड़ किसानों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहा है जिनका पूरा काम-धंधा पशुपालन पर टिका है। गर्मी बढ़ने से दूध की सप्लाई कम हो रही है और कीमतें ऊपर जा रही हैं। सिर्फ 2023 में ही दूध 12 प्रतिशत से ज्यादा महंगा हो गया, जिसकी एक बड़ी वजह है कि गर्मी से दूध की पैदावार घट जाती है और बढ़ते चारे के दाम भी इसकी उपलब्धता कम कर रहे हैं।
चारे की कीमतें लगभग तीन गुना, मुनाफे पर असर
सिर्फ गर्मी ही इसकी वजह नहीं है, अनिश्चित बारिश भी चारे की फसलों को बिगाड़ रही है, जिससे चारे की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। कुछ इलाकों में तो यह करीब 3 गुना हो गई हैं। किसान के खर्च में सबसे बड़ा हिस्सा चारे का होता है, इसलिए बढ़ते खर्च से उनके मुनाफे पर असर पड़ रहा है।
किसानों की मदद के लिए सरकार गर्मी झेलने वाली देशी नस्लों को बढ़ावा दे रही है और शोधकर्ता बेहतर चारा प्रणाली पर जोर दे रहे हैं ताकि बदलते मौसम में भी किसान अपना काम जारी रख सकें।