पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत ने शुरू की पहली रणनीतिक प्राकृतिक गैस भंडारण परियोजना
पश्चिम एशिया में बढ़ रहे तनाव के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा पक्की करने के लिए पहली रणनीतिक प्राकृतिक गैस भंडारण परियोजना शुरू कर दी है। सरकारी तेल कंपनियां जमीन के नीचे नमक की गुफाओं और जमीन के ऊपर LNG टैंकों की खोज कर रही हैं। साथ ही इंजीनियर्स इंडिया बेहतरीन तकनीक और सही जगहों का पता लगाने के लिए व्यवहार्यता अध्ययन कर रही है।
सरकार ने गैस भंडारण की जरूरतों का खाका तैयार किया
भारत के तेल भंडार संभालने वाली संस्था इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स लिमिटेड (ISPRL) भी इस परियोजना से जुड़ी है। हालांकि, नमक की गुफाओं में भंडारण का अनुभव न होने के कारण इंजीनियर्स इंडिया तकनीकी पहलुओं को संभाल रही है। मौजूदा संघर्ष ने यह साफ कर दिया है कि भारत अपने आधे से ज्यादा LNG और LPG आयात के लिए मध्य पूर्व खाड़ी देशों पर कितना निर्भर करता है। आपूर्ति में अचानक रुकावटों से बचने के लिए सरकार की एक कमेटी अगले कुछ सालों के लिए भंडारण की जरूरतों को तय कर रही है। इसके साथ ही पुराने गैस क्षेत्रों के इस्तेमाल या LNG टर्मिनलों के पास नई यूनिटें बनाने जैसे दूसरे विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है।