भारत का अंतरिक्ष में ऐतिहासिक कदम, सुरक्षित वापसी के लिए IN-SPACe ने बनाए कड़े नियम
भारत ने पहली बार अंतरिक्षयान और उपग्रहों को सुरक्षित तरीके से पृथ्वी पर वापस लाने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। IN-SPACe द्वारा जारी ये नियम अंतरिक्ष को सुरक्षित और कम भीड़भाड़ वाला बनाने के उद्देश्य से हैं। साथ ही, ये सुनिश्चित करते हैं कि भारत के कदम वैश्विक मानकों के अनुरूप हों।
IN-SPACe की मंजूरी के लिए 10,000 में से एक से कम जोखिम होना जरूरी
अब कोई भी भारतीय संस्था, जो अंतरिक्षयान को धरती पर वापस लाने का प्लान बना रही है, चाहे वह देश के भीतर हो या बाहर, उसे IN-SPACe से आधिकारिक मंजूरी लेनी होगी।
ऑपरेटरों को यह साबित करना होगा कि उनके प्लान से किसी को नुकसान पहुंचने का खतरा बहुत कम है, यानी 10,000 में से 1 से भी कम। उन्हें पूरी तरह से खतरे का आकलन करना होगा और समय से पहले सुरक्षा संबंधी सूचना भी देनी होगी। अगर कोई गड़बड़ होती है या कोई नुकसान होता है, तो ऑपरेटर उस तीसरे पक्ष के नुकसान और दावों के लिए जिम्मेदार रहेंगे।
दिशानिर्देश भारत को दुनिया के मानकों के साथ जोड़ते हैं
इन दिशानिर्देशों के साथ, भारत ने दिखाया है कि वह अंतरिक्ष के मलबे को संभालने और अपने कक्षीय वातावरण को बचाने के लिए कितना गंभीर है। यह ऐसा कदम है जो भारत को उन देशों के साथ लाकर खड़ा करता है जो अंतरिक्ष का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की दिशा में काम कर रहे हैं।