भारत का UTM सिस्टम: आसमान में ड्रोनों की हर उड़ान पर अब होगा स्मार्ट नियंत्रण
भारत एक ऐसा राष्ट्रीय अनमैन्ड एयरक्राफ्ट सिस्टम ट्रैफिक मैनेजमेंट (UTM) सिस्टम बना रहा है, जिससे जमीन से 1,000 फीट ऊपर तक उड़ने वाले ड्रोन की आवाजाही को कंट्रोल किया जा सकेगा। आजकल ड्रोन खेत-खलिहानों से लेकर मैपिंग प्रोजेक्ट, निगरानी, कृषि और छिड़काव जैसे कई कामों में इस्तेमाल हो रहे हैं। सरकार की योजना है कि भविष्य में ड्रोन से होने वाली डिलीवरी और यहां तक कि यात्री उड़ानों को भी सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सकेगा। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण दुनिया भर की कंपनियों से तकनीकी और ऑपरेशनल जानकारी मांग रहा है। इससे ऐसा सिस्टम बन सके जो भविष्य में ड्रोन की बढ़ती संख्या को आसानी से संभाल सके।
UTM जियोफेंसिंग और NPNT का हाेगा इस्तेमाल
नए UTM सिस्टम में कई खास फीचर्स होंगे। जियोफेंसिंग से ड्रोन तय दायरे में ही उड़ेंगे। इसमें ड्रोनों पर नजर रखने के लिए रियल-टाइम ट्रैकिंग भी होगी और NPNT (नो परमिशन, नो टेकऑफ) का नियम भी लागू होगा। इसका मतलब है कि बिना इजाजत कोई ड्रोन उड़ान नहीं भर पाएगा। यह सिस्टम भारत के 'डिजिटलस्काई' प्लेटफॉर्म और मौजूदा एयर ट्रैफिक सिस्टम के साथ मिलकर काम करेगा। इससे हवा में ड्रोन के आपस में टकराने का खतरा भी कम होगा। जैसे-जैसे ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ेगा, यह आसमान की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।