नकली दवाओं से अब नहीं होगा खिलवाड़, सरकार पैकेजिंग कंपनियों पर कसेगी नकेल
भारत सरकार नकली दवाओं पर नकेल कसने की तैयारी कर रही है। सरकार उन कंपनियों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने पर विचार कर रही है जो दवाइयों की पैकेजिंग बनाती या सप्लाई करती हैं, जैसे ब्लिस्टर पैक और कार्टन। उत्तर प्रदेश में हाल ही में नकली दवाएं पकड़े जाने के बाद यह कदम उठाने पर जोर दिया जा रहा है, क्योंकि इन घटनाओं से मरीजों की सुरक्षा और उनके भरोसे को लेकर बड़ी चिंताएं पैदा हो गई हैं।
पैकेजिंग नियम बनाने के लिए विशेष उपसमिति का गठन
नए पैकेजिंग नियम तैयार करने के लिए एक विशेष उपसमिति बनाई जाएगी। यह उपसमिति विशेषज्ञों के साथ मिलकर काम करेगी और हो सकता है कि इसके लिए पुराने दवा कानूनों में भी कुछ बदलाव करने पड़ें।
अधिकारियों का कहना है कि असली और नकली दवाओं की पहचान करने के लिए पैकेजिंग बहुत महत्वपूर्ण है। इसी वजह से, पैकेजिंग सामग्री बनाने और सप्लाई करने वाली कंपनियों पर और कड़ा नियंत्रण रखा जाएगा, जिससे नकली दवाओं को बाजार में आने से रोका जा सके।