पायलट बनने के लिए अब लगेगा आधे से भी कम समय? सरकार की नई योजना पर सुरक्षा के सवाल
एयरलाइंस के पास पायलटों की भारी मांग है। इस कमी को पूरा करने के लिए सरकार मल्टी-क्रू पायलट लाइसेंस (MPL) लाने पर विचार कर रही है। अभी तक पायलटों को वास्तविक विमान में 200 घंटे उड़ान भरनी होती थी। MPL आने के बाद यह समय घटकर करीब 100 से 120 घंटे हो जाएगा। घंटे कम होने पर भी, पायलटों को फ्लाइट सिमुलेटर पर ज्यादा अभ्यास करने का मौका मिलेगा। इससे ट्रेनिंग तेजी से पूरी होगी और पायलट आपातकालीन स्थितियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो पाएंगे।
प्रशिक्षकों की मांग- 150 घंटे का उड़ान अनुभव जरूरी हो
भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो MPL का समर्थन कर रही है। इंडिगो का कहना है कि यह कदम विकास और सुरक्षा के बीच अच्छा संतुलन बिठाता है। हालांकि, उड़ान प्रशिक्षण समूहों का मत इससे अलग है। उनका कहना है कि वास्तविक विमान में कम से कम 150 घंटे की उड़ान का अनुभव अनिवार्य होना चाहिए। उनका मानना है कि वास्तविक अनुभव ही पायलटों में आत्मविश्वास जगाता है और इससे वे किसी भी अप्रत्याशित स्थिति को बेहतर ढंग से संभाल पाते हैं।