असम के रंगपुर-सिवासागर को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में मिली जगह
भारत ने रंगपुर-सिवासागर एन्सेम्बल को यूनेस्को विश्व धरोहर का दर्जा दिलाने के लिए शामिल किया है। यह एक ऐतिहासिक जगह है, जहां अहोम काल के कई मंदिर, महल और इंजीनियरिंग के शानदार नमूने मौजूद हैं। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस खबर की जानकारी दी। उन्होंने इसे अहोम राजवंश की विरासत को बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया, जिसने लगभग 600 साल तक असम की ब्रह्मपुत्र घाटी पर राज किया था।
रंग घर और चराइदेव अहोम विरासत को प्रमुखता से दिखाते हैं
इस एन्सेम्बल में रंग घर भी शामिल है, जो एशिया का सबसे पुराना बचा हुआ एम्फीथिएटर है। यह नामांकन चराइदेव मोइदम्स के 2024 में यूनेस्को की सूची में शामिल होने के बाद हुआ है। ये स्थल साथ मिलकर अहोमों के शासन और उनके अंतिम विश्राम स्थलों को सामने लाते हैं। हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रधानमंत्री मोदी का भी शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने असम की धरोहर को विश्व मंच पर बढ़ावा दिया है।