नकली दवा बेचने वालों पर सरकार शिकंजा, अब प्रमुख दवाइयों पर लगाना होगा QR कोड
भारत में एक नया नियम लागू होने जा रहा है। इसके तहत अब वैक्सीन, कैंसररोधी दवाएं, नारकोटिक्स (नशीली दवाएं) और एंटीबायोटिक्स जैसी दवाओं पर QR कोड या बारकोड लगाना अनिवार्य होगा। इसका मुख्य मकसद नकली दवाओं पर लगाम लगाना है। इन कोड्स की मदद से दवा के हर पैकेट को फैक्टरी से लेकर ग्राहक तक ट्रैक किया जा सकेगा, जिससे उनकी पहचान करना और बाजार में आने से रोकना आसान हो जाएगा। यह सिस्टम पहले से ही एसिलोक और कैलपोल जैसे कुछ बड़े ब्रांड्स पर सफलतापूर्वक लागू है।
भारत ने QR कोड के लिए समय सीमा तय की
वैक्सीन, नशीली दवाओं और कैंसररोधी दवाओं पर QR कोड लगाने की अंतिम तिथि जुलाई 2027 रखी गई है। वहीं, एंटीबायोटिक्स के लिए यह समय सीमा जुलाई 2028 तय की गई है। इन कोड्स में उत्पाद का नाम, बैच संख्या और समाप्ति तिथि जैसी महत्वपूर्ण जानकारी दर्ज होगी। इससे किसी भी दवा को वापस बुलाना आसान होगा और किसी भी समस्या या गड़बड़ी का तेजी से पता लगाया जा सकेगा। हालांकि, इस नियम से छोटे दवा निर्माताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ने की संभावना है, खासकर उन पर जो कम कीमत वाली जेनेरिक दवाएं बनाते हैं।