भारत ने बदली क्रूड नीति: रूस, वेनेजुएला और पश्चिम अफ्रीका से रिकॉर्ड तोड़ आयात
खाड़ी क्षेत्र में तेल सप्लाई में आई रुकावटों के बाद भारत ने अपनी तेल आयात नीति में बदलाव किया है। अब देश रूस, वेनेजुएला और पश्चिम अफ्रीका जैसे देशों से ज्यादा कच्चा तेल खरीद रहा है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने बताया है कि अप्रैल में इस क्षेत्र में तेल सुविधाओं पर हुए हमलों और अन्य तनावों की वजह से ओपेक+ की कच्चे तेल की सप्लाई में रोजाना 8,30,000 बैरल की गिरावट आई थी।
भारत ने ESPO और वेनेजुएला से बढ़ाया आयात
अप्रैल 2026 में रूस से भारत का ESPO क्रूड तेल आयात हर दिन 1,50,000 बैरल बढ़कर 3,10,000 बैरल तक पहुंच गया, जो एक नया रिकॉर्ड है। इसी दौरान, वेनेजुएला से आने वाले कच्चे तेल की खेप में भी हर दिन 1,00,000 बैरल का इजाफा हुआ और यह 3,80,000 बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गई। इसकी वजह यह थी कि भारतीय तेल रिफाइनरियां सऊदी अरब से आने वाले तेल के दूसरे विकल्प तलाश रही थीं। सऊदी अरब के तेल निर्यात में बड़ी गिरावट दर्ज होने के बाद, पश्चिम अफ्रीकी ग्रेड्स (कच्चे तेल) की मांग भी काफी बढ़ गई है। यह दिखाता है कि जब दुनिया भर में तेल की सप्लाई में अनिश्चितता आती है, तो भारत कितनी तेज़ी से अपनी नीतियों में बदलाव करके तालमेल बिठा लेता है।