भारत ने एनीमिया जांच के WHO नियम बदले, अब मिलेगा सटीक इलाज
भारत ने गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों में एनीमिया की पहचान के तरीके को बदल दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की नई सलाह के बाद अब दूसरी तिमाही की गर्भवती महिलाओं और 6 से 23 महीने के बच्चों में हीमोग्लोबिन की जांच का कटऑफ 11 ग्राम प्रति डेसीलीटर की जगह 10.5 ग्राम प्रति डेसीलीटर होगा। सरकार ने इस बदलाव का ऐलान किया है।
भारत ने एनीमिया की जांच और इलाज पर जोर दिया
देश में एनीमिया एक बड़ी समस्या है। हाल ही के सर्वेक्षणों के अनुसार, लगभग दो-तिहाई छोटे बच्चे और आधे से ज्यादा गर्भवती महिलाएं इससे जूझ रही हैं। नए नियमों के तहत, अब सही जांच और हर व्यक्ति की ज़रूरत के हिसाब से इलाज पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। पहले हर किसी को सिर्फ आयरन की गोलियां दी जाती थीं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। बेहतर देखभाल के लिए 'टेस्ट, ट्रीट, टॉक एंड ट्रैक' मॉडल अपनाया जा रहा है। साथ ही एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म भी तैयार किया गया है, जिसकी मदद से डॉक्टर पूरे देश में मरीजों के इलाज की प्रगति पर नजर रख सकेंगे।