खामेनेई की मौत के 5 दिन बाद भारत ने शोक जताया, विदेश सचिव पहुंचे ईरानी दूतावास
क्या है खबर?
भारत सरकार की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने गुरुवार को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत पर शोक जताया है। उन्होंने खामेनेई की मौत के 5 दिन बाद नई दिल्ली में ईरान के दूतावास में शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए और खामेनेई के प्रति संवेदना जताई। बता दें कि खामेनेई की 28 फरवरी को इजरायल-अमेरिकी हमले में मौत हो गई थी, जिसकी आधिकारिक घोषणा रविवार 1 फरवरी को हुई थी।
शोक
प्रधानमंत्री मोदी के शोक व्यक्त न करने पर कांग्रेस ने घेरा था
खामेनेई की मौत पर दुनिया भर के तमाम देशों ने शोक जताया था। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उनकी संसद में भी निधन पर दुख व्यतीत किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार ने खामेनेई की मौत को लेकर कोई संवेदना नहीं जताई, जिसके बाद कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी पार्टियां उनकी आलोचना कर रही थीं। कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने इस कदम की आलोचना करते हुए कहा था कि भारत ने नीति त्याग दी है।
ट्विटर पोस्ट
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ईरानी दूतावास पहुंचे
#WATCH भारत सरकार की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने आज नई दिल्ली में ईरान के दूतावास में शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए और ईरान के मारे गए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के प्रति संवेदना व्यक्त की। pic.twitter.com/F6uUFvoJLk
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 5, 2026
आलोचना
कांग्रेस ने कहा- डैमेज कंट्रोल में जुटी सरकार
मिस्री के अचानक दूतावास का दौरा करने और खामेनेई की मौत पर शोक जताने को कांग्रेस ने 'डैमेज कंट्रोल' बताया। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने एक्स पर लिखा, 'राजनीतिक दबाव या पब्लिक को मनाने से जो शोक संदेश मिलता है, वह कोई शोक संदेश नहीं होता- यह हेडलाइन मैनेजमेंट के लिए एक दिखावटी, इज्जत बचाने वाली कोशिश है।' खेड़ा ने कहा कि भाजपा सरकार डैमेज कंट्रोल मोड में है और उसे अहसास हो गया है कि उसकी पोल खुल गई।
बातचीत
विदेश मंत्री ने ईरानी मंत्री से बात की
विदेश सचिव मिस्री के दूतावास दौरे के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से बात की। उन्होंने एक्स पर अराघची को टैग करते हुए लिखा कि ईरानी विदेश मंत्री से दोपहर में टेलीफोन पर बात हुई। पिछले हफ्ते शनिवार को शुरू हुए युद्ध के बाद यह दूसरी बार है, जब जयशंकर ने ईरानी समकक्ष को फोन मिलाया हो। इससे पहले 28 फरवरी को कॉल किया गया था।