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भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा के लिए युद्धपोतों की तैनाती बढ़ाई- रिपोर्ट
भारतीय नौसेना ने ओमान की खाड़ी में तैनाती बढ़ाई है (प्रतीकात्मक तस्वीर)

भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा के लिए युद्धपोतों की तैनाती बढ़ाई- रिपोर्ट

लेखन आबिद खान
Mar 19, 2026
10:35 am

क्या है खबर?

भारत अपने जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ओमान की खाड़ी में अपनी नौसैनिक तैनाती बढ़ा रहा है। यह कदम अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद बढ़ते तनाव को देखते हुए अहम है, जिसने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक को बाधित कर दिया है। हालांकि, भारत अभी भी होर्मुज जलडमरूमध्य से अपन जहाजों को गुजरने के लिए ईरान की अनुमति पर निर्भर है।

रिपोर्ट

ओमान की खाड़ी में 3 से बढ़कर 7 होंगे भारतीय युद्धपोत

रिपोर्ट के मुताबिक, तैनाती बढ़ाने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में संचालित भारतीय युद्धपोतों की संख्या बढ़कर 6 या 7 हो जाएगी। इस हफ्ते की शुरुआत में एक भारतीय नौसैनिक पोत ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से निकले एक भारतीय जहाज को ओमान की खाड़ी से देश के पश्चिमी तट तक सुरक्षा प्रदान की थी। 3 भारतीय युद्धपोत पहले से ही ओमान की खाड़ी में तैनात हैं और ईंधन ला रहे जहाजों की कड़ी निगरानी कर रहे हैं।

अन्य रिपोर्ट

संवेदनशील क्षेत्र में प्रवेश नहीं करेंगे भारतीय युद्धपोत

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि भारतीय नौसेना ने आधे दर्जन से अधिक युद्धपोतों को जिनमें रसद जहाज भी शामिल हैं एहतियाती तौर पर इस क्षेत्र में भेजा है। ये युद्धपोत होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्व में तैनात रहेंगे और संवेदनशील क्षेत्र में प्रवेश नहीं करेंगे। इनकी मुख्य भूमिका भारतीय जहाजों को उत्तरी अरब सागर के सुरक्षित जलक्षेत्र तक पहुंचाना होगी। रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल भारत आने वाली करीब 22 जहाज होर्मुज में फंसे हैं।

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जहाज

होर्मुज से निकलकर 3 जहाज भारत पहुंचे

भारत के ध्वज वाले 2 LPG जहाज- शिवालिक और नंदा देवी ने पिछले हफ्ते होर्मुज जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार किया है। ये हाल ही में भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचे, जिनमें कुल 92,712 मीट्रिक टन LPG थी। बीते दिन (18 मार्च) को भारतीय ध्वज वाला टैंकर जग लाडकी भी कच्चे तेल की एक बड़ी खेप लेकर गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंचा है। इस क्षेत्र में भारत की उपस्थिति 'ऑपरेशन संकल्प' का हिस्सा है, जिसे 2019 में शुरू किया गया था।

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प्लस

न्यूजबाइट्स प्लस

होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और हिंद महासागर में अरब सागर से जोड़ता है। 39 किलोमीटर लंबा यह जलडमरूमध्य अपने सबसे संकरे बिंदु पर यह 33 किलोमीटर और अधिकतम 95 किलोमीटर तक चौड़ा है। हालांकि, इसमें से केवल 3 किलोमीटर दायरे में से ही जहाज गुजर सकते हैं। वैश्विक तेल खपत का लगभग 20 प्रतिशत इसी जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। इसे दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल पारगमन चोकपॉइंट बताया जाता है।

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