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अनुराग कश्यप पर कस गया कानून का शिकंजा, कोर्ट ने दिए सीधे पुलिस कार्रवाई के आदेश
अनुराग कश्यप पर आपराधिक मामला दर्ज, जानिए कारण

अनुराग कश्यप पर कस गया कानून का शिकंजा, कोर्ट ने दिए सीधे पुलिस कार्रवाई के आदेश

May 17, 2026
10:10 am

क्या है खबर?

फिल्ममेकर अनुराग कश्यप एक बार फिर कानूनी विवादों में घिर गए हैं। सूरत की एक अदालत ने उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ कर दिया है। कोर्ट के इस ताजा और बड़े आदेश के बाद अब इस मामले की कमान सीधे पुलिस के हाथों में आ गई है, जिसके चलते आने वाले दिनों में फिल्ममेकर की मुश्किलें काफी बढ़ सकती हैं। आखिर कोर्ट को ये सख्त कदम क्यों उठाना पड़ा, आइए जानते हैं।

मामला

अनुराग के किस कदम ने बढ़ाई उनकी मुश्किलें?

दरअसल, 19 मार्च, 2025 को अनुराग ने एक्स पर ब्राह्मण समुदाय को निशाना बनाते हुए एक पोस्ट शेयर किया था, जिसे देख लोग भड़क उठे। इस पोस्ट के जवाब में आदित्य दत्ता नाम के एक जागरूक नागरिक ने अनुराग से उस पोस्ट को तुरंत हटाने और मर्यादा बनाए रखने का अनुरोध किया। हालांकि, अनुराग ने विनम्रता दिखाने के बजाय सोशल मीडिया पर ही सार्वजनिक रूप से तीखी प्रतिक्रिया दी, जिससे ये पूरा विवाद कानूनी दहलीज तक पहुंच गया।

आक्रोश

देशभर में फूटा ब्राह्मण समाज का गुस्सा

अनुराग के इस पलटवार के बाद पूरे भारत में रहने वाले ब्राह्मण समुदाय की धार्मिक और सामाजिक भावनाएं गंभीर रूप से आहत हुईं। उनके खिलाफ देश के कोने-कोने में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए और अलग-अलग जगहों पर शिकायतें दर्ज कराने का सिलसिला चल पड़ा। इसी सिलसिले में पिछले 35 वर्षों से सूरत में सफलतापूर्वक वकालत कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कमलेश रावल ने एक ब्राह्मण और कानून के रक्षक के तौर पर इस मामले में कड़ा रुख अपनाया।

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पेशी

समन जारी होने के बाद रातों-रात मुंबई छोड़कर भागे अनुराग

वरिष्ठ वकील कमलेश रावल ने समाज के प्रति अपना कर्तव्य निभाते हुए अनुराग के खिलाफ कोर्ट में आपराधिक शिकायत दर्ज कराई। अदालत ने मामले को स्वीकार करते हुए अनुराग को समन जारी कर पेश होने का आदेश दिया। हालांकि, मुंबई के वकील द्वारा जानकारी दिए जाने के बावजूद अनुराग जानबूझकर कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। वो कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी से बचने के लिए रातों-रात मुंबई का अपना स्थायी निवास बदलकर बेंगलुरु भाग गए और लंबे समय तक छिपे रहे।

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सख्ती

कोर्ट ने अनुराग कश्यप की अनदेखी पर दिखाई सख्ती

सूरत कोर्ट ने न्यायपालिका की अनदेखी करने पर अनुराग के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए करीब 14 महीने का पर्याप्त समय दिया, लेकिन उनका कोई जवाब नहीं आया। आखिरकार, कोर्ट ने गुजरात हाई कोर्ट के एक महत्वपूर्ण फैसले का हवाला देते हुए कहा कि आरोपी पूरा मौका मिलने के बावजूद पेश नहीं हुआ। लिहाजा उनकी अनुपस्थिति देखते हुए उनके खिलाफ औपचारिक रूप से मामला दर्ज करने का आदेश जारी किया जाता है।

धाराएं

गंभीर धाराओं में फंसे अनुराग

सूरत कोर्ट के आदेश पर अनुराग के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 196, 352 और 353(2) के तहत केस दर्ज किया गया है। सामाजिक नफरत और जातिगत भेदभाव फैलाने के इन गंभीर आरोपों में उन्हें अधिकतम 5 साल या उससे अधिक की कड़ी सजा हो सकती है। शिकायतकर्ता के वकील कमलेश रावल के मुताबिक, 18 मई तक इस मामले को आधिकारिक आपराधिक केस नंबर मिल जाएगा, जिसके बाद अनुराग को हर हाल में कोर्ट में पेश होना ही होगा।

जानकारी

अनुराग पर गिरफ्तारी की तलवार!

ऐसा न करने पर उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी हो सकता है। वकील कमलेश रावल ने कहा कि वो समाज में कड़ा उदाहरण पेश करने और सोशल मीडिया पर अमर्यादित टिप्पणियों को रोकने के लिए अनुराग कश्यप को सख्त सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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