भारत ने हाफिज सईद को अपराधी घोषित किया, अंतरराष्ट्रीय घेराबंदी की तैयारी
भारत ने लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद के खिलाफ सख्ती दिखाते हुए BNSS की धारा 356 का इस्तेमाल किया है। इस धारा के तहत, भारतीय अदालतों को यह अधिकार मिल गया है कि वे सईद को 'घोषित अपराधी' मानकर उस पर मुकदमा चला सकें, भले ही वह भागता रहे।
यह कदम बताता है कि अब भारत सिर्फ कूटनीतिक बातचीत से आगे बढ़कर कानूनी कार्रवाई कर रहा है। इसका मुख्य मकसद एक ऐसा मजबूत कानूनी रिकॉर्ड तैयार करना है, जिससे पाकिस्तान के उन दावों को झुठलाया जा सके कि पहले के सबूत महज राजनीतिक आरोप थे।
भारत सईद पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध चाहता है
इस प्रक्रिया में, सबसे पहले हाफिज के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी होंगे। अगर वह इन वारंटों की अनदेखी करते हैं, तो उन्हें औपचारिक रूप से 'घोषित अपराधी' करार दिया जाएगा।
भारत इस कानूनी रिकॉर्ड को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध समिति में इस्तेमाल करेगा ताकि हफीज सईद और उसके लश्कर-ए-तैयबा नेटवर्क के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगाए जा सकें। यही रिकॉर्ड फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) और दूसरी अंतरराष्ट्रीय निगरानी संस्थाओं के सामने भी पेश किया जाएगा।