भारत ने सऊदी अरब पर हूती हमले की निंदा की, कहा- क्षेत्रीय सुरक्षा कमजोर होगी
क्या है खबर?
भारत ने यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब में ऊर्जा सुविधाओं पर किए गए हमलों की निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ऐसे हमले क्षेत्रीय सुरक्षा को कमजोर करते हैं और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता को खतरे में डालते हैं। भारत ने इस बात पर भी जोर दिया कि क्षेत्रीय शांति और समुद्री सुरक्षा पर इसके व्यापक प्रभावों को देखते हुए ऐसे कृत्यों को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
बयान
भारत बोला- ऐसे हमले अस्वीकार्य
भारत ने खासतौर पर नागरिक और आर्थिक सुविधाओं को निशाना बनाए जाने की निंदा की। विदेश मंत्रालय ने कहा कि सऊदी अरब की संप्रभु भूमि पर इस तरह के हमले अस्वीकार्य हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "ऐसे हमले जो क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को कमजोर करते हैं और बाब-अल-मंदेब में नौवहन की स्वतंत्रता को खतरे में डालते हैं, अस्वीकार्य हैं।"
बता दें बाब अल-मंदेब लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ने वाला संकरा जलमार्ग है।
हमले
हूती हमलों में 73 घायल
बीते दिन हूती विद्रोहियों ने आभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, किंग खालिद हवाई अड्डे और आभा और जिजान में अरामको तेल सुविधाओं पर मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया था।
यमन में लड़ रहे सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने कहा था कि आभा, खमीस मुशैत, जिजान और नजरां प्रांत में हमले हुए।
इसके बाद सऊदी अरब ने कहा था कि हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित कम से कम 73 नागरिक घायल हो गए हैं।