मोदी-जिनपिंग के मुलाकात के बाद भारत और चीन के बयानों में मतभेद सामने आए
क्या है खबर?
BRICS शिखर सम्मेलन के इतर कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक की थी। इसके बाद दोनों देशों ने अलग-अलग बयान जारी किए। हालांकि, इन बयानों में सीमा विवाद को लेकर मतभेद सामने आए हैं। ये मतभेद सीमा विवाद और व्यापक द्विपक्षीय संबंधों के बीच संबंधों को लेकर दोनों देशों के दृष्टिकोण में अंतर को उजागर करते हैं। आइए जानते हैं क्या अंतर सामने आया है।
चीन
चीन ने क्या कहा?
चीन ने दोनों पक्षों से द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने और साथ ही सीमा मुद्दे का समाधान करने का आह्वान किया।
उसने कहा कि दोनों पक्षों को दोनों मोर्चों पर 'समानांतर, परस्पर सुदृढ़ प्रगति' की दिशा में प्रयास करना चाहिए।
चीन ने कहा, "दोनों पक्षों को द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने और सीमा विवाद को सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध रहना चाहिए, समानांतर और परस्पर सुदृढ़ प्रगति की तलाश करनी चाहिए और सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखनी चाहिए।"
भारत
भारत के बयान में क्या है?
भारत ने कहा कि प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता द्विपक्षीय संबंधों के निरंतर विकास के लिए जरूरी आधार बनी हुई है। उन्होंने सीमा मुद्दों पर मौजूदा समझौतों और समझ का पालन करने की जरूरत पर भी बल दिया।
भारत ने कहा, "दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों और लोगों के दीर्घकालिक हितों को ध्यान में रखते हुए, सीमा प्रश्न के निष्पक्ष, तर्कसंगत और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान पर प्रतिबद्धता व्यक्त की।"
अंतर
क्या हैं मतभेद?
चीन ने व्यापक संबंधों और सीमा प्रश्न पर समानांतर प्रगति की बात कही है। वहीं, भारत ने सीमा पर शांति और स्थिरता को व्यापक संबंधों के निरंतर विकास का आधार बनाया है।
भारत की शर्त है कि सीमा पर शांति बनी रहनी चाहिए और मौजूदा समझौतों का पालन किया जाना चाहिए।
वहीं, चीन ने सीमा प्रश्न के अनसुलझे रहने के बावजूद द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ने की गुंजाइश छोड़ी है।
भोज
प्रधानमंत्री के रात्रिभोज में शामिल नहीं हुए जिनपिंग
बीती रात प्रधानमंत्री मोदी ने BRICS देशों के राष्ट्राध्यक्षों, अन्य भागीदार देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के नेताओं के लिए रात्रिभोज का आयोजन किया था। इसमें चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग शामिल नहीं हुए।
इसकी वजह सामने नहीं आई है, लेकिन कहा जा रहा है कि आराम करने के लिए जिनपिंग होटल लौट गए थे।
वहीं, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद भी रात्रिभोज में शामिल नहीं हुए, क्योंकि वे कल ही अबू धाबी लौट गए थे।