Loading...
भारत-चीन ने 6 साल बाद खोली सीमा, आज से उत्तराखंड, हिमाचल और सिक्किम के रास्ते कारोबार शुरू
भारत-चीन के बीच 6 साल बाद सीमा व्यापार शुरू हो रहा है (फाइल तस्वीर)

भारत-चीन ने 6 साल बाद खोली सीमा, आज से उत्तराखंड, हिमाचल और सिक्किम के रास्ते कारोबार शुरू

लेखन आबिद खान
Aug 01, 2026
10:39 am

क्या है खबर?

भारत और चीन के बीच उत्तराखंड, सिक्किम और हिमाचल प्रदेश के कई दर्रों के जरिए आज से फिर सीमा व्यापार शुरू हो रहा है। आपसी सहमति से तय मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) के अनुसार, सीमा व्यापार मई से नवंबर तक 6 महीने के लिए खुला रहेगा। इस दौरान पहले से मंजूर 36 सामानों का आयात-निर्यात होगा। दोनों देशों के संबंध सामान्य होने की दिशा में ये बड़ा कदम है।

मंडी

तकलाकोट मंडी पहुंचा भारतीय व्यापारिक दल

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के धारचूला से लिपुलेख दर्रे के रास्ते व्यापारियों का पहला दल तिब्बत स्थित तकलाकोट मंडी के लिए रवाना हो चुका है। पहले चरण में 20 सदस्यीय दल गया है, जिसमें 16 व्यापारी और 4 सहायक शामिल हैं।

इन व्यापारियों ने अपना सामान पहले ही तकलाकोट मंडी में छोड़ दिया था। सीमा व्यापार संगठन इस पूरे कामकाज की जिम्मेदारी संभाल रहा है। बाद में अन्य व्यापारिक दल भी तकलाकोट जाएंगे।

सामान

किन-किन सामानों के कारोबार को मिली मंजूरी?

भारत 36 स्वीकृत उत्पादों का चीन को निर्यात कर सकता है। इनमें हैंडीक्राफ्ट, हैंडलूम के सामान, कंबल, खेती के औजार, प्रोसेस्ड फूड, सूखी सब्जियां, मसाले, रेडीमेड कपड़े, बर्तन और पारंपरिक धार्मिक सामान शामिल हैं।

वहीं, तिब्बत की तरफ से होने वाले आयात में कपड़े, जूते, याक के उत्पाद, मक्खन, बोरेक्स, बकरियां, रजाइयां और दूसरे स्वीकृत सामान शामिल हैं। एक व्यापारिक सीजन के दौरान 400 व्यापारियों को परमिट जारी किए जाएंगे।

ADVERTISEMENT

शिपकी ला

शिपकी-ला दर्रा भी खुला

आज से ही हिमाचल प्रदेश के किन्नौर के ऐतिहासिक शिपकी-ला दर्रे से भी भारत-चीन सीमा व्यापार शुरू हो रहा है।

यहां से सीमा पार जाने वाले व्यापारियों का सत्यापन और सुरक्षा जांच हो चुकी है। पहले चरण में 15 से 17 व्यापारियों के जाने की संभावना है।सभी व्यापारियों को 72 घंटे के भीतर वापस लौटना जरूरी होगा।

आज ही शिपकी-ला क्षेत्र में 2.58 करोड़ रुपये की लागत से बने आधुनिक ट्रेड मार्ट का भी उद्घाटन किया जाएगा।

ADVERTISEMENT

अहमियत

कितना अहम है ये कदम?

इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनेशनल इकोनॉमिक रिलेशंस (ICRIER) की सीनियर विजिटिंग प्रोफेसर डॉक्टर निशा तनेजा ने फाइनेंशियल एक्सप्रेस से कहा, "6 साल बाद व्यापार शुरू होना भारत-चीन संबंधों में एक अहम मोड़ है और आर्थिक जुड़ाव बढ़ाने की नई प्रतिबद्धता का संकेत है। भारत में चीनी FDI प्रस्तावों पर विचार करने के लिए आसान रवैये समेत अन्य आर्थिक उपायों के साथ मिलकर, यह द्विपक्षीय संबंधों के लिए एक व्यावहारिक और व्यापार-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाता है।"

संंबंध

सामान्य हो रहे हैं भारत-चीन संबंध

2020 में गलवान घाटी मामले के बाद भारत-चीन संबंध सबसे खराब दौर में पहुंच गए थे। हालांकि, उसके बाद दोनों देशों ने धीरे-धीरे और सावधानीपूर्वक संबंधों को बहाल करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।

पिछले साल दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें शुरू हुई हैं, हाल ही में वीजा भी जारी होने लगे हैं और कैलाश मानसरोवर यात्रा भी शुरू हो गई है।

अगले महीने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत आने की उम्मीद है।

ADVERTISEMENT